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अगर खरीद रहे हैं अपने सपनों का घर, ध्यान रखें ये वास्तु टिप्स
प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तुविद
Updated Thu, 08 Feb 2018 05:32 PM IST
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आज के समय में अपनी पसंदीदा जगह पर भूमि या मकान न मिलने के बाद हम फ्लैट खरीदने को ही प्राथमिकता देते हैं। मकान बनवाने में तो हम वास्तु नियमों का ध्यान रखते हैं, लेकिन बिल्डर ने जो फ्लैट बनाया है, वह वास्तु अनुसार ही हो यह संभव नहीं है। ऐसे में आपके द्वारा खरीदा गया फ्लैट जीवन में परेशानियां बढ़ा सकता है।
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ऐसा हो आकार
फ्लैट का वर्गाकार या आयताकार होना आवश्यक है। एल या सी आकार वाले अथवा गोल या वक्राकार या टेढ़े-मेढ़े आकार वाले फ्लैट को खरीदने से बचना चाहिए। जिस फ्लैट की सभी खिड़कियां केवल दक्षिण दिशा में हों, उसे खरीदना भी अशुभ फलदायी हो सकता है। ऐसे फ्लैट जिनकी खिड़की या बालकनी पूर्व या उत्तर दिशा में होती है, उन्हें शुभ माना जाता है। ऐसे फ्लैट जिनके शौचालय या रसोईघर उत्तर-पूर्व दिशा में होते हैं, वह अशुभ फल देते हैं। पश्चिम दिशा में बालकनी या खिड़की वाले फ्लैट लिए जा सकते हैं।
फ्लैट का वर्गाकार या आयताकार होना आवश्यक है। एल या सी आकार वाले अथवा गोल या वक्राकार या टेढ़े-मेढ़े आकार वाले फ्लैट को खरीदने से बचना चाहिए। जिस फ्लैट की सभी खिड़कियां केवल दक्षिण दिशा में हों, उसे खरीदना भी अशुभ फलदायी हो सकता है। ऐसे फ्लैट जिनकी खिड़की या बालकनी पूर्व या उत्तर दिशा में होती है, उन्हें शुभ माना जाता है। ऐसे फ्लैट जिनके शौचालय या रसोईघर उत्तर-पूर्व दिशा में होते हैं, वह अशुभ फल देते हैं। पश्चिम दिशा में बालकनी या खिड़की वाले फ्लैट लिए जा सकते हैं।
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प्रवेश द्वार का रखें ध्यान
फ्लैट के प्रवेश द्वार का मुख कभी भी शौचालय के द्वार की तरफ नहीं होना चाहिए अन्यथा नकारात्मक ऊर्जा का असर बना रहेगा। प्रवेश द्वार के ठीक सामने खिड़की भी नहीं होनी चाहिए। यदि ऐसा है, तो वहां भी पर्दा लटकाना चाहिए। मुख्य द्वार सेे प्रवेश करते समय स्नानघर, शौचालय और शयन कक्ष भी नहीं दिखाई देने चाहिए। यदि प्रवेश द्वार के सामने खाली दीवार हो, तो वहां एक आदमकद आकार का दर्पण या विघ्नेश्वर गणेश जी की बड़ी तस्वीर या मूर्ति लगानी चाहिए। यदि फ्लैट में बीम है, तो उसके नीचे बैठना, पढ़ना या भोजन करना अशुभ हो सकता है। फ्लैट में शयन कक्ष किसी भी कोने में हो सकता है, लेकिन सोते समय सिर हमेशा दक्षिण दिशा की ओर ही होना आवश्यक है।
फ्लैट के प्रवेश द्वार का मुख कभी भी शौचालय के द्वार की तरफ नहीं होना चाहिए अन्यथा नकारात्मक ऊर्जा का असर बना रहेगा। प्रवेश द्वार के ठीक सामने खिड़की भी नहीं होनी चाहिए। यदि ऐसा है, तो वहां भी पर्दा लटकाना चाहिए। मुख्य द्वार सेे प्रवेश करते समय स्नानघर, शौचालय और शयन कक्ष भी नहीं दिखाई देने चाहिए। यदि प्रवेश द्वार के सामने खाली दीवार हो, तो वहां एक आदमकद आकार का दर्पण या विघ्नेश्वर गणेश जी की बड़ी तस्वीर या मूर्ति लगानी चाहिए। यदि फ्लैट में बीम है, तो उसके नीचे बैठना, पढ़ना या भोजन करना अशुभ हो सकता है। फ्लैट में शयन कक्ष किसी भी कोने में हो सकता है, लेकिन सोते समय सिर हमेशा दक्षिण दिशा की ओर ही होना आवश्यक है।
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home walls
दीवार पर कैसे चित्र हैं?
फ्लैट की पूर्व या उत्तर दिशा की दीवारों पर देवी-देवताओं के चित्र लगाए जा सकते हैं, वहीं दक्षिण दिशा की दीवार पर केवल मृत परिजनों जैसे दादा, दादी या माता-पिता की तस्वीर लगाई जा सकती है। लड़ाई-झगड़ा, युद्ध, हिंसक पशु-पक्षी, रोता हुआ बच्चा तथा डरावने चित्रों को किसी भी दीवार पर नहीं लगाना चाहिए। फ्लैट की दीवारों पर क्रीम, सफेद या हल्के हरे या पीले रंग का पेंट करना शुभ रहता है।
फ्लैट की पूर्व या उत्तर दिशा की दीवारों पर देवी-देवताओं के चित्र लगाए जा सकते हैं, वहीं दक्षिण दिशा की दीवार पर केवल मृत परिजनों जैसे दादा, दादी या माता-पिता की तस्वीर लगाई जा सकती है। लड़ाई-झगड़ा, युद्ध, हिंसक पशु-पक्षी, रोता हुआ बच्चा तथा डरावने चित्रों को किसी भी दीवार पर नहीं लगाना चाहिए। फ्लैट की दीवारों पर क्रीम, सफेद या हल्के हरे या पीले रंग का पेंट करना शुभ रहता है।
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bedroom
इनका भी रखें ध्यान
फ्लैट के प्रत्येक कमरे में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को सदैव खाली और स्वच्छ रखना जरूरी है। इस कोने में एक मिटटी के बर्तन में जल भरकर रखना शुभ होता है। रसोई घर में गैस या चूल्हा दक्षिण-पूर्व यानी आग्नेय कोण में अथवा पश्चिम भाग में ही रखना चाहिए। जितना भी भारी सामान हो, उसे फ्लैट की दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही रखना शुभ होता है। पूर्व या उत्तर दिशा में तुलसी तथा दक्षिण दिशा में मनी प्लांट लगाएं। दक्षिण दिशा की ओर बालकनी होने पर यहां स्टोर रूम बनाना अशुभ प्रभाव को कम करता है।
फ्लैट के प्रत्येक कमरे में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को सदैव खाली और स्वच्छ रखना जरूरी है। इस कोने में एक मिटटी के बर्तन में जल भरकर रखना शुभ होता है। रसोई घर में गैस या चूल्हा दक्षिण-पूर्व यानी आग्नेय कोण में अथवा पश्चिम भाग में ही रखना चाहिए। जितना भी भारी सामान हो, उसे फ्लैट की दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही रखना शुभ होता है। पूर्व या उत्तर दिशा में तुलसी तथा दक्षिण दिशा में मनी प्लांट लगाएं। दक्षिण दिशा की ओर बालकनी होने पर यहां स्टोर रूम बनाना अशुभ प्रभाव को कम करता है।