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ज्योतिष में ये दो ग्रह हैं ड्रग्स की लत का कारण, जानें कैसे छुड़ाएं
Fri, 25 Sep 2020 07:09 PM IST
रुस्तम राणा
आचार्य प्रवीन चौहान, ज्योतिषाचार्य
आचार्य प्रवीन चौहान, ज्योतिषाचार्य
Published by: रुस्तम राणा
Updated Fri, 25 Sep 2020 07:09 PM IST
सार
- वैदिक ज्योतिष शास्त्र मे जन्म कुंडली द्वारा यह जाना जा सकता हैं, कि कौन व्यक्ति नशा कर सकता है और कौन नहीं।
- जन्मकुंडली में बैठे राहु-केतु ही ऐसे ग्रह हैं जो व्यक्ति को ड्रग्स की तरफ आकर्षित करते हैं और इनका आदी बनाते हैं ।
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ड्रग्स की लत के ज्योतिषीय कारण
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ड्रग्स की लत ऐसी होती है कि एकबार जिसे लग गई फिर उसे किसी भी कीमत पर ड्रग्स चाहिए और यही कारण है कि इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र मे जन्म कुंडली द्वारा यह जाना जा सकता हैं, कि कौन व्यक्ति नशा कर सकता है और कौन नहीं। साथ ही यह भी जाना जा सकता है कि व्यक्ति किस प्रकार का नशा करेगा। आइये ग्रहों की उन परिस्थितियों के बारे में जानें, जिन परिस्थितियों के कारण व्यक्ति नशे का अभ्यस्त होता है।
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वैदिक ज्योतिष में किसी भी ज्योतिषी गणना के लिए कुछ सामान्य मापदंड होते हैं, विषय से संबंधित भाव व सहायक भाव, विषय से संबंधित कारक ग्रह, दशा-महादशा/अंतर्दशा/प्रत्यंतर दशा व गोचर का अध्ययन करना। ड्रग्स की लत के पीछे जन्म कुंडली में बैठे ग्रहों का बड़ा योगदान होता है। राहु ग्रह परंपराओं के खिलाफ जाने के लिए भी प्रेरित करता है। जन्मकुंडली में बैठे राहु-केतु ही ऐसे ग्रह हैं जो व्यक्ति को ड्रग्स की तरफ आकर्षित करते हैं और इनका आदी बनाते हैं ।
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राहु का प्रभाव दैत्य के समान होता है। जन्म कुंडली में राहु का बलवान होना नशे की ओर व्यक्ति का रुझान दर्शाता है। जितनी भी बुरी लत हैं, उनका कारक राहु ही है जिनमें मुख्य रूप से नशा, जुआ, चोरी आदि हैं। जन्म कुंडली मे यदि राहु 1,2,7 तथा 12वें भाव में स्थित हो तो व्यक्ति का रुझान नशा की ओर करवाता है। राहु का सबसे अधिक प्रभाव दूसरे भाव में होने से पड़ता है।
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राहु जहां नशे में धुम्रपान व ड्रग्स को दर्शाता है। वहीं चंद्रमा नशे के तरल प्रदार्थ अर्थात शराब को दर्शाता है। साथ ही शुक्र ग्रह के प्रभाव वाले जातक आनन्द के लिये नशे की शुरूआत करते हैं। लग्न में पाप ग्रह हों तो जातक की रुचि नशे की ओर अक्सर होती है।
ड्रग्स की लत को छुड़ाने के लिए राहु-केतु जैसे अशुभ ग्रहों को शांत करके इन समस्याओं का अंत किया जा सकता है। किसी भी प्रकार के ज्योतिषीय उपाय करने से पूर्व विद्वान ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।