{"_id":"5eeca715817f1a2fa5670078","slug":"surya-grahan-2020-know-know-the-whole-facts-of-surya-grahan","type":"story","status":"publish","title_hn":"Surya Grahan 2020: प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य अजय भाम्बी से जानें इस सूर्य ग्रहण की विशेष बातें","category":{"title":"Astrology","title_hn":"ज्योतिष","slug":"astrology"}}
Surya Grahan 2020: प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य अजय भाम्बी से जानें इस सूर्य ग्रहण की विशेष बातें
Sat, 20 Jun 2020 12:06 PM IST
रुस्तम राणा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Sat, 20 Jun 2020 12:06 PM IST
विज्ञापन
सूर्य ग्रहण 2020
- फोटो : SOCIAL MEDIA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस महीने की 21 तारीख को सूर्य ग्रहण की खगोलीय घटना होने वाली है। सूर्य ग्रहण ज्योतिषीय रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण घटना है। पूरे विश्व में चल रही कोरोना महामारी व अनेक दैनिक आपदाओं के मध्य सूर्य ग्रहण हो रहा है। इस तनाव की स्थिति में यह सूर्य ग्रहण एक साथ कई तरह के संयोग लेकर आ रहा है। आज हम जानेंगे कि प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य अजय भाम्बी से इस सूर्य ग्रहण के बारे में कुछ विशेष बातें।
विज्ञापन
अजय भाम्बी, दुनिया के जाने-माने ज्योतिषाचार्य हैं। ज्योतिष शास्त्र में उनका काफी बड़ा नाम है, ज्योतिष विद्या में इन्होंने गहन अध्यन किया है। इनके द्वारा की गई भविष्यवाणियां बहुत ही सटीक होती हैं। ज्योतिषी के तौर पर उन्हें करीब 40 वर्षों का तजुर्बा है। myjyotish.com के साथ हाल ही में हुई बातचीत में उन्होंने 21 जून को हो रहे सूर्य ग्रहण के विषय में कुछ विशेष बातों पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उनका कहना है की 21 जून को होने वाला यह सूर्य ग्रहण बहुत ही खास होने वाला है। ऐसा इसलिए. क्योंकि इसमें बन रहे संयोग बहुत वर्षों के बाद अनुभव किए जाने वाले हैं। यह संयोग न केवल ज्योतिष बल्कि वैज्ञानिक क्षेत्र में भी बहुत महत्व रखते हैं। यह सूर्य ग्रहण "अन्नूलार एक्लिप्स" के नाम से जाना जाता है। वैसे तो वर्ष में बहुत से ग्रहण होते हैं परन्तु अन्नूलार ग्रहण का व्यक्तिगत रूप से बहुत अधिक महत्व होता है। इस ग्रहण के दौरान सूर्य को चन्द्रमा द्वारा पूर्ण रूप से ढक दिया जाता है, जिससे बचा हुआ गोलाकार "रिंग" के तौर पर सभी स्थानों पर देखा जाता है।
उन्होंने बताया की हिन्दू मान्यताओं के अनुसार हमारा शास्त्र प्रकाश की स्तुति पर आधारित है अर्थात हम सूर्य, चन्द्रमा एवं अन्य ग्रहों को देवता के रूप में पूजते हैं जिसके कारण उनमें हो रही गतिविधियों का व्यक्तिगत रूप से मनुष्यों पर बहुत प्रभाव होता है। उनके अनुसार यह सूर्य ग्रहण प्राकृतिक रूप से बहुत ही गहरा असर डालेगा। कोरोना के सन्दर्भ में उन्होंने हमें बताया की जैसा की वह पहले भी कहते आएं हैं अप्रैल, मई, जून, जुलाई और लगभग सितम्बर तक कोरोना को लेकर समय बहुत ही मुश्किल होने वाला है। इस दौरान कोरोना काफी उफान पर दिखाई देगा, यह ग्रहण एक संकेत हो सकता है की प्राकृतिक तौर पर अभी जो समय है, वह बहुत संभल के चलने और साथ ही सतर्कता बरतने का है।
ग्रहण का राशियों पर होने वाला प्रभाव एवं उनके विषय में अजय जी का कहना है कि, क्योंकि यह ग्रहण मिथुन राशि में लगने वाला है तो उनके लिए समय अनुकूल नहीं होगा, साथ ही उनका कहना है की अन्य राशियों पर ग्रहण का प्रभाव अधिक तो नहीं होगा परन्तु जो भी संयोग देखे जाएंगे वह शुभ राह प्रदान नहीं करेंगे। ग्रहण का असर वातावरण को बहुत प्रभावित करेगा, जैसे की महामारी, आर्थिक, सामाजिक, एवं प्राकृतिक विपदाएं। ऐसे में इस सूर्य ग्रहण पर सावधानी रखना बहुत जरूरी होगा।
सूर्य ग्रहण के कारण होने वाले बुरे प्रभावों से बचने के लिए ग्रहण के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके अलावा इस दिन शिव की नगरी काशी अर्थात वाराणसी में महामृत्युंजय पूजा कराना अत्यंत शुभ माना जाता है। अगर आप भी घर पर सुरक्षित रहते हुए महामृत्युंजय मंत्र का जाप कराना चाहते हैं तो फिर myjyotish.com लेकर आया है खास पूजा। इसके द्वारा आप घर पर सुरक्षित रहते हुए वाराणसी में 51000 महामृत्युंजय मंत्र का जाप करा सकते हैं। यह जाप प्रतिष्ठित पुजारियों द्वारा कराया जाएगा। पूजा कराने से पहले फोन पर आपका संकल्प भी कराया जाएगा। इस पूजा के बारे में अधिक जानकारी के लिए विजिट करें - सूर्य ग्रहण के अवसर पर कराएं सामूहिक महामृत्युंजय मंत्रों का जाप