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26 दिसंबर को सूर्यग्रहण, जानें सूतक काल और राशियों पर पड़ने वाला प्रभाव
Sun, 22 Dec 2019 12:49 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिषाचार्य पं धनंजय दुबे
ज्योतिषाचार्य पं धनंजय दुबे
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 22 Dec 2019 12:49 PM IST
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सूर्यग्रहण
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26 दिसंबर 2019 पौष मास, दिन गुरुवार, पक्ष अमावस्या, नक्षत्र मूल ,नक्षत्र स्वामी केतु और वृद्धि योग में सूर्य ग्रसित होंगे। ग्रहण से कंकण सूर्य ग्रहण जोकि केतु के नक्षत्र मूल में लगेगा। ज्योतिष की दुनिया में है अति महत्वपूर्ण।
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सूर्य ग्रहण का विवरण-
ग्रहण का आरम्भ समय : सुबह 08 :00 बजे से
ग्रहण का स्पर्श समय : 09 :06 बजे से
ग्रहण का परम ग्रास समय : 10 :48
ग्रहण समाप्त का समय : 13 :36 बजे
सूतक
ग्रहण का सूतककाल 25 दिसंबर 2019 को रात्रि 08 :00 बजे से प्रारम्भ हो जाएगा।
राशियों पर प्रभाव
यह सूर्य ग्रहण उन राशि के लोगों के लिए कल्याणकारी रहेगा जो वृषभ , कन्या , तुला , कुम्भ राशि में जन्म लिए है और मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मकर और मीन राशि के लोगों के लिए सामान्य या सतर्क रहने की आवश्कता होगी।हालांकि केतु के नक्षत्र मूल में सूर्यग्रहण होने के कारण ज्यादा लाभकारी नहीं होगा।
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सूर्य ग्रहण का संयोग
धनु राशि में सूर्य ग्रहण से ग्रसित होंगे और साथ ही साथ धनु राशि में षष्ठ ग्रही योग बन रहा है जोकि अपने आपमें दुर्लभ है। धनु राशि में सूर्य के साथ चन्द्रमा ,बुध , गुरु, केतु और शनि ग्रसित होंगे। विशेष बात यह है कि राशि स्वामी बृहस्पति और नक्षत्र स्वामी केतु स्वयं सूर्य के साथ ग्रसित हो रहे है।
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उपाय
लेकिन इस ग्रहण का कुछ अद्भुत लाभ भी मिलेगा जैसे उन जातको को करना होगा उपाय जो मूल में जन्म लिए हो या अमावस्या को जन्म लिए हो जिनका बृहस्पति केतु के साथ योग बना कर किसी भी भाव में बैठा हो या जिनकी कुंडली में शनि केतु या शनि सूर्य का योग हो, क्योंकि यह समस्त योग अच्छे नहीं माने गए है इसके लिए ग्रहण के समय में आदित्य हृदयस्त्रोत का पाठ, गुरु मंत्र का जाप, गायत्री मंत्र का जाप और ग्रहण समाप्त होने के बाद गेंहू, घी, लालमिर्च, गुड़ तांबे का पात्र, कुशा का आसन रुद्राक्ष माला दान देने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है।
ग्रहण पर क्या करें-
- ग्रहण पश्चात दान अवश्य देना चाहिए और संतो,बड़ों और गुरु का आशीर्वाद लेना अनिवार्य होता है।
- ग्रहणकाल में वृद्ध, रोगी, नवजात शिशु, जल दवा भोजन न लेने के लिए बाध्य नहीं होता है वह सेवन कर सकते है।
- ग्रहण काल में निंदा से बचना चाहिए।
- ग्रहण काल में किसी भी प्रकार का लेनदेन, यात्रा, शुभ कार्य न करें। देव पूजन न करें। ग्रहण समय में सोने से बचे।
- ग्रहण काल में देव स्तुति, मंत्र जप करना चाहिए।