इन उपायों से करें शनिदेव को प्रसन्न, मिलेगी तरक्की और बढ़ेगा मान-सम्मान
नौकरी में तरक्की और बिजनेस में लाभ के लिए शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय किए जाते हैं।
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शनिदेव को ज्योतिषशास्त्र में बहुत है महत्वपूर्ण और न्याय के देवता के रूप में माना जाता है। शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मो के आधार पर फल या दण्ड देते हैं। जो लोग अनैतिक आचरण जैसे किसी गरीब को परेशान, अधर्म के मार्ग पर चलना और बुरी आदतों में फंसे हुए होते है उन्हें शनि के कोप भोगना पड़ता है। वहीं जो लोग सदैव अच्छा आचरण और धर्म के मार्ग पर चलते हैं शनिदेव उनको मान सम्मान, पैसा और उनकी हर इच्छा की पूर्ति करते हैं। ऐसे में जो लोग अगर नौकरी में आगे बढ़ना चाहते हैं और बिजनेस में तरक्की की इच्छा रखते हैं तो शनिदेव से संबंधित कुछ उपाय करना चाहिए।
शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय
शमी के वृक्ष की जड़ के साथ रोजाना ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम: मंत्र का तीन माला जप करें। कुंडली में शनि से जुड़े दोषों को दूर करने के लिए प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी के मंदिर में जाकर अपनी क्षमता के अनुसार कुछ मीठा प्रसाद चढ़ाएं। शनिवार के दिन शनि महाराज को नीले रंग का अपराजिता फूल चढ़ाएं और काले रंग की बाती और तिल के तेल से दीप जलाएं। साथ ही शनिवार के दिन महाराज दशरथ का लिखा शनि स्तोत्र पढ़ें। शनिवार या अमावस्या के दिन सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर शनिदेव का ध्यान करें। फिर एक दीपक में सरसों का तेल डालकर जलाएं।
शनिदेव की पूजा में सावधानियां
शनिवार के दिन लोहे से बनी चीजों को दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि शनिवार के दिन लोहे से बनी हुई किसी भी चीज को बाजार से खरीदकर न लाएं। शास्त्रों में शनिवार के दिन लोहा खरीदना वर्जित है। शनिदेव की पूजा में काले तिल को बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन शनिवार के दिन काले तिल को घर पर खरीदकर नहीं लाना चाहिए। शनिवार के दिन भूलकर भी तेल घर पर नहीं लाना चाहिए। बल्कि इस दिन भगवान शनिदेव को तेल अर्पण कर उनका आशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए। शनिवार के दिन झाड़ू खरीदकर घर लाना भी शुभ नहीं माना गया है। माना जाता है कि शनिवार के दिन झाड़ू की खरीदारी से जातक को आर्थिक नुकसान होता है। शास्त्रों के अनुसार शनिदेव की पूजा करते समय कभी भी उनकी आंखों में आंख डालकर नहीं देखना चाहिए, बल्कि चरण की तरफ देखते हुए तेल अर्पण करना चाहिए। इसके अलावा गरीबों को कभी भी नहीं सताना चाहिए।