राहु-केतु राशि परिवर्तन: सितंबर 2020 तक इन राशियों पर रहेगी राहु की बुरी नजर,अशुभ प्रभाव से ऐसे बचें
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ज्योतिष में शनि के बाद राहु सबसे ज्यादा कष्ट देने वाला पापी ग्रह माना जाता है। कुंडली में राहु का नकारात्मक प्रभाव तमाम तरह के परेशानियां लेकर आता है वहीं अगर कुंडली में राहु मजबूत है व्यक्ति भाग्यशाली और जीवन में सफलता प्राप्त करता है। 7 मार्च को राहु- केतु राशि बदल रहें है। राहु 7 मार्च को मिथुन राशि में जबकि केतु धनु राशि में प्रवेश करेगा। जहां राहु-केतु के राशि परिवर्तन से कई राशियों के भाग्य बदलेंगे वहीं कुछ राशियां ऐसी भी होंगी जिन पर राहु सवार रहेगा जिससे उन्हें तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
भारतीय ज्योतिष के अनुसार राहु नामक छाया ग्रह अत्यंत बलवती पापाग्रह के नाम से जाना जाता है। जिसके फलस्वरूप गोचर में राशि से तृतीय अर्थात् मेष राशि, छठे यानी मकर राशि, एवं एकादश अर्थात् सिंह राशि के लिए यह चातुर्दिक विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला कहा जाएगा। वहीं मीन, वृश्चिक एवं कर्क राशियों के लिए अत्यंत नकारात्मक फल प्रदान करने वाला कहा जाएगा। बाकी राशियों के लिए राहु का राशि परिवर्तन मिलाजुला रहने वाला होगा।
इन राशियों पर राहु-केतु का शुभ- अशुभ असर
3 राशियों पर राहु का शुभ असर रहेगा- मेष, सिंह और मकर राशि
3 राशियों पर राहु-केतु का अशुभ असर- मीन, वृश्चिक और कर्क राशि
6 राशियों पर राहु-केतु का मिलाजुला असर- वृष, धनु, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि
राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को कम करने का उपाय
कुंडली में राहु-केतु के प्रभाव से मनुष्य को कई तरह की तकलीफे और पैसों की कमी का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताए गए है जिससे हम राहु और केतु के प्रभाव को कम कर सकते हैं।
- राहु-केतु के प्रभाव को कम करने के लिए नीले कपड़े में तिल बांधकर हनुमान जी को चढ़ाएं। इसके आलावा बूंदी के लड्डू पर 4 लौंग लगाकर हनुमानजी को भोग लगाएं।
- घर के मुख्य कमरे में चांदी से बना हुआ हाथी रखें। ऐसा करने से आप के ऊपर से राहु-केतु पर प्रभाव कम होने लगता है।
- राहु-केतु के प्रभाव से छुटकारा पाने के लिए हर रोज काले रंग के कुत्ते को रोटी खिलाएं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा करने से राहु-केतु का नकारात्मक असर कम होता है।
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन दोनों ग्रहों का अपना कोई अस्तित्व नहीं होता इन दोनों को छाया ग्रह माना जाता है। कुंडली में इस ग्रह को शान्त करने के लिए घर पर राहु यंत्र और उसका 108 बार बीच रखें।