विक्रमी संवत 2072 का आरंभ 21 मार्च 2015 को शनिवार के दिन हो रहा है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि का वर्ष का राजा होना शुभ फलदायी नहीं है। शनि दुखो का कारक ग्रह है और वर्ष की प्रवेश कुंडली में वैसे भी दो अशुभ भावों के स्वामी होकर वक्री अवस्था में एक त्रिकोण भाव में स्थित हो हैं।
ज्योतिषशास्त्र के नियमानुसार शनि यदि वक्री अवस्था में वर्ष के राजा बनते हैं तब लोगों में स्पर्शजन्य रोग अधिक होते हैं अर्थात छूआछूत वाले रोग ज्यादा होने की संभावना रहती है।
इससाल भी कुछ ऐसा ही रहेगा। शनि वक्री होने से कुछ बलहीन हो गए हैं इसलिए बेमौसम वर्षा भी करा सकते हैं। वायुमंडल में अत्यधिक शीतलता रहेगी यानी इस वर्ष ठंड अधिक पड़ेगी। नेताओं में आपसी संघर्ष बढेगा। जनता में भी असंतोष व्याप्त रहने की संभावना है। वैसे भी शनि का वाहन भैंस होगा जो शुभ फलदायी नहीं है।
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