कुंभ राशि में चल रहा मंगल 4
मार्च की शाम को कुंभ से निकलकर मीन में प्रवेश करेगा। मंगल 31 जनवरी से अस्त है और
इसी अवस्था में नए संवत में प्रवेश करेगा और 27 जून को वृष राशि में उदय होगा।
पण्डित केवल आनंद जोशी बताते हैं कि, युद्घ के कारक ग्रह मंगल के मीन राशि में आने
से शनि एवं राहु के साथ इसका षडाष्टक योग तथा सूर्य के साथ मंगल का द्विर्द्वादश
योग बनेगा।
मंगल की यह स्थिति अनुकूल फलदायी नहीं है। पिछले दिनों से
अन्तर्राष्ट्रीय मामलों में जो प्रतिकूलता चल रही वह अभी भी बनी रहेगी। पड़ोसी
देशों से संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं। सीमा पर अधिक चौकस रहने की जरूरत होगी
क्योंकि घुसपैठ बढ़ सकता है और देश में आतंकी घटनाओं की संभावना रहेगी। मंगल के
दोषपूर्ण स्थिति के कारण देश में कई जगह आगजनी एवं मानवीय भूल के कारण दुर्घटनाएं
हो सकती हैं।
प्राकृतिक आपदाओं के कारण जन और धन की हानि का अंदेशा रहेगा।
इन दिनों खेल में भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा है लेकिन मंगल के राशि परिर्वतन से
खेलों में भी विपरीत परिणाम मिल सकते हैं। खिलाड़ियों को सावधान रहना होगा क्योंकि
चोट लगने की वजह से उनका खेल प्रभावित हो सकता है। ग्रहों के योग से बाजार भी
प्रभावित होगा। सोना, चांदी, कॉपर, गेहूं, रेशम, चना, उड़द, घी, सरसों, तिल, तेल
एवं चावल की कीमत में तेजी आएगी।