नरेंद्र मोदी इन दिनों तमाम तरह की मुसीबतों में घिरे नजर आ रहे हैं। जिनमें सबसे ताजा मामला 'पटेल' समुदाय द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर गुजरात में चल रहा हिंसक आंदोलन है। गुजरात में आंदोलन ने ऐसा रुप धारण किया कि प्रधानमंत्री मोदी को स्वयं गुजरात वासियों को संबोधित करते हुए शांति की अपील करनी पड़ी।
गौरतलब है की आरक्षण की मांग पर आंदोलित पटेल समुदाय न केवल गुजरात में बल्कि दुनिया भर में अपने व्यावसायिक कौशल और समृद्धि के लिए विख्यात है। ऐसे में पटेलों का अंदोलन कई सवालों को जन्म दे रहा है।
जिनमें सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि जब गुजरात के एक संपन्न जाति को आरक्षण चाहिए तो सूबे में पिछड़ों, दलितों और आदिवासी जाति के लोगों की क्या दशा होगी?
यानी यह आंदोलन एक तरह से मोदी के उस गुजरात मॉडल पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है जिस मॉडल की झलकियां दिखाकर मोदी प्रधानमंत्री बने। विपक्षी दल इसे मोदी के खिलाफ एक मुद्दा बनाने में लगे हैं तो इसे दूसरी ओर गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल की प्रशासनिक विफलता बताने में लगे हुए हैं।
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