गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए दूर्वा अर्पित करते हुए करें इन मंत्रों का जाप
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भगवान गणेश एक ऐसे देवता हैं जिन्हें दूर्वा अति प्रिय है। भगवान गणेश की आराधना में दूर्वा का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। गणेश जी की पूजा में दूर्वा अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सारे कष्ट दूर करके उन पर कृपा दृष्टि करते हैं। गणेश जी को सफेद या हरी दूर्वा चढ़ानी चाहिए। जानते हैं दूर्वा अर्पित करने के नियम और किन मंत्रो का जाप करते हुए दूर्वा अर्पित करने से गणेश जी करते हैं कृपा..
गणेश जी को जो दूर्वा अर्पित करनी है उसमें 3, 5, 7 संख्या में पत्तियां होनी चाहिए। बप्पा को चढ़ाई जाने वाली दूर्वा बहुत कोमल होनी चाहिए। गणपति जी को दूर्वा की 21 गाठें अर्पित करना शुभ रहता है। क्योंकि कथा के अनुसार जब गणेश जी ने ऋषियों की रक्षा के लिए अगलासुर को निगल लिया था, तब ऋषि कश्यप ने 21 दूर्वा की गांठें बनाकर गणेश जी को दी थी। जिससे उनके पेट की जलन शांत हुई।
गणेश जी को पानी में भिगोकर दूर्वा अर्पित करनी चाहिए, इससे वह ज्यादा समय तक हरी रहती है। गणेश जी को प्रतिमा के आकार के हिसाब से दूर्वा अर्पित करें। यदि मूर्ति छोटी हो तो उसी के अनुसार लघु दूर्वा की गांठें अर्पित करनी चाहिए। यदि प्रतिमा बड़ी हो तो समिधा (हवन में उपयोग होने वाली लकड़ी) के बराबर दूर्वा अर्पित करनी चाहिए। लेकिन ध्यान रहे कि भगवान गणेश की पूजा में किसी भी तरह से तुलसी का उपयोग नहीं करना चाहिए।
इन मंत्रो का जाप करते हुए एक-एक करके गणेश जी को दूर्वा अर्पित करनी चाहिए। गणेश जी को 21 गांठें चढ़ाते समय इन गणेश नाम के मंत्रो का जाप करना चाहिए।
- ॐ गणाधिपाय नमः
- ॐ विघ्ननाशनाय नमः
- ॐ गजाननाय नमः
- ॐ मूषकवाहनाय नमः
- ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः
- ॐ उमापुत्राय नमः
- ॐ कुमारगुरवे नमः
- ॐ विनायकाय नमः
- ॐ ईशपुत्राय नमः
- ॐ एकदन्ताय नमः
- ॐ इभवक्त्राय नमः
जो लोग गणेश जी को सच्ची श्रद्धा और निष्ठा के साथ दूर्वा अर्पित करते हैं, भगवान गणेश उनके सारे विघ्न-बाधाएं हर लेते हैं, और अपने भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।