नेपाल में पिछले महीने आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद बड़ी संख्या में भारतीय परिवार अब भी अपने परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। आपदा के बाद जैसे-जैसे समय बीत रहा है, लापता लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीदें भी कमजोर होती जा रही हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल के आपदा प्रभावित इलाकों में अभी भी 275 भारतीय नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है। इन लोगों के परिवार लगातार अपने प्रियजनों की जानकारी मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं और सरकार से भी जल्द से जल्द तलाश तेज करने की अपील कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार लापता भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए नेपाल सरकार के स्थानीय विभागों और संबंधित एजेंसियों के लगातार संपर्क में है। भारतीय अधिकारियों की ओर से नेपाल में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सूचनाओं को जुटाने और लापता लोगों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार उन भारतीय राज्य सरकारों के साथ भी समन्वय कर रही है, जिन राज्यों से लोग नेपाल की यात्रा पर गए थे। इस समन्वय के जरिए लापता नागरिकों से जुड़ी जानकारी हासिल करने और उनके परिवारों तक अपडेट पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने नेपाल में भारतीय नागरिकों के आवागमन से जुड़ी जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि चीन के रास्ते नेपाल में कुल 1,907 भारतीय नागरिक प्रवेश कर चुके हैं। राहत की बात यह है कि अब चीन में कोई भी भारतीय नागरिक फंसा हुआ नहीं है। इसके अलावा नेपाल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों से 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। बचाए गए सभी भारतीय अपने घर वापस लौट चुके हैं।
इस दौरान उन्होने स्पष्ट किया कि चीन की तरफ से 49 भारतीयों के लापता होने की सूचना दी गई है और वो सभी भारत की तरफ से जारी 275 लोगों की सूची में शामिल है। बताते चलें कि नेपाल सरकार की एजेंसी एनडीआरआरएमए के ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक 1287 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। करीब 5,083 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें लगभग 583 विदेशी नागरिक शामिल हैं। एजेंसी ने यह भी बताया है कि सबसे अधिक शव चितवन, नवलपरासी, नुवाकोट और रसुवा जिलों से मिले हैं। बचाव अभियान जारी है और अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।