मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सात अक्तूबर को नई दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं के साथ कथित धक्का-मुक्की और बल प्रयोग के विरोध में महानगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया। प्रदेश महासचिव जयेंद्र रमोला और पूर्व महानगर अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को है। विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रदर्शन के दौरान किया गया व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े सवालों का समाधान लोकतांत्रिक संवाद और संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से होना चाहिए। प्रदेश सचिव राकेश सिंह और राकेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार को विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय उठाए जा रहे सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।