मुनस्यारी विकासखंड के गोल्फा के ग्रामीण सेराघाट-बोना सड़क और इसके निर्माण से खतरे में आए मकानों की सुरक्षा की मांग पर 120 किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने डीएम को ज्ञापन देते हुए कहा नौ साल बाद भी सड़क का निर्माण पूरा न होने से वे दुश्वारियां झेल रहे हैं। सड़क निर्माण के लिए उनके मकान खतरे में आ गए हैं इसकी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। कहा सड़क निर्माण के नाम पर सिर्फ ठेकेदार बदलकर औपचारिकता निभाई जा रही है। गोल्फा के ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देते हुए कहा कि सेराघाट-मोतीघाट-गोल्फा-बोना सड़क का निर्माण वर्ष 2016 में शुरू हुआ। नौ साल बाद भी सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। वर्ष 2024 में पुराने ठेकेदार को काम से हटाते हुए नए टेंडर किए गए। दूसरे ठेकेदार ने भी काम छोड़ दिया है। पिछले डेढ़ महीने से सड़क का निर्माण कार्य बंद है। सड़क कटिंग से कई मकान खतरे में आए हैं इनकी सुरक्षा के इंतजाम अब तक नहीं हुए। सड़क कटिंग के चलते भूस्खलन हो रहा है इससे वे दहशत में हैं। गोल्फा दुर्गम गांव है जहां आलू और राजमा का उत्पादन अधिक होता है। सड़क न होने से किसान अपने इन उत्पादों को बाजार नहीं पहुंचा पा रहे हैं और उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है। बीमारों और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना नियती बन गया है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच करते हुए जल्द सड़क निर्माण की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा जल्द सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे जिला मुख्यालय में धरना शुरू कर देंगे। ज्ञापन देने वालों में देव सिंह, मोहन सिंह, विजय सिंह राणा, भगत सिंह आदि शामिल रहे। संवाद