लंबे समय बाद भी लंबित बिलों का भुगतान न होने से नाराज सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने सरकार और पूर्ति विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मानेदय की भी मांग की। कहा अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करने के बाद भी सरकार उन्हें बिलों के भुगतान को लेकर लगातार धोखा दे रही है। कहा अब वे चुप नहीं बैठेंगे। जल्द बिलों का भुगतान नहीं हुआ तो जनवरी से राशन वितरण बंद कर दुकानों में ताला लगा देंगे। सोमवार को सस्ता गल्ला विक्रेता कलक्ट्रेट पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि एक वर्ष से वे अपनी जेब से धन खर्च कर सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में जुटे हैं। मुफ्त अनाज को घर-घर पहुंचाने के बाद भी उन्हें ढुलान भाड़े का आज तक भुगतान नहीं हुआ है। जनवरी से मार्च तक के लाभांश का भी उन्हें भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सीमांत जिले में बदहाल संचार सेवा के बाद भी वे राशन वितरण कर रहे हैं। ऑनलाइन राशन वितरण न होने का हवाला देकर विक्रेताओं को लाभांश का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कहा वे लंबे समय से मानदेय की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार इससे हाथ पीछे खींच रही है। चेतावनी देते हुए कहा यदि जल्द उन्हें लंबित बिलों का भुगतान नहीं किया गया और उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे जनवरी से दुकानों में ताले लगाकर राशन वितरण बंद कर देंगे। प्रदर्शन करने वालों में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मनोज पांडे, ललित महर, भागीरथी बिष्ट, महिमन भट्ट, संतोष पंत, अनिल जोशी, भूपान दत्त, भावना अग्रवाल, दिनेश कापड़ी, चंचल सिंह सहित कई सस्ता गल्ला विक्रेता शामिल रहे।