पहाड़ी आर्मी ने हल्द्वानी नगर निगम तिराहे के पास प्रदर्शन कर कोतवाल का पुतला फूंका। उन्होंने आरोप लगाया कि आठ अगस्त को वह लोग ज्योति मेर और गौलापार में मासूम की हत्या के विषय में एसएसपी से मुलाकात करने गए थे। तभी पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत और महिलाओं के साथ कोतवाल ने अभद्र व्यवहार किया। कोतवाल ने उन्हें अपराधी की तरह कॉलर पकड़कर घसीटा। जिलाध्यक्ष मोहन कांडपाल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह पुलिसिया गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तत्काल कोतवाल को पद से हटाने की मांग करते हुए जल्द कार्रवाई नहीं होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए है, न कि उनके साथ इस तरह का व्यवहार करने के लिए। उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा कि यह लड़ाई व्यक्तिगत सम्मान की नहीं बल्कि जनता के अधिकारों की है। वहां जिला महामंत्री राजेंद्र राजेंद्र कांडपाल, जिला प्रभारी हिमांशु शर्मा, सूबेदार मेजर दिनेश जोशी, फौजी कमलेश जेठी, युवा नगर अध्यक्ष विनोद नेगी, सतीश फुलारा, दीपा पांडे, गोकुल मेहरा आदि थे।