रोजगार की आस जब पहाड़ पर पूरी नहीं होती है तब युवा अपने बुजुर्ग माता-पिता की दहलीज छोड़ने के लिए विवश होते हैं। अंत में परेशान होकर रोजगार की आस में पलायन को ही बेहतर विकल्प समझते हैं। उत्तराखंड ग्राम विकास एवं पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट- 2023 के अनुसार 2008 से 2018 तक प्रदेश में 6338 ग्राम पंचायतों में कुल 383726 लोगों ने अस्थायी तौर पर पलायन किया था। वहीं, 3946 ग्राम पंचायतों से 118981 लोगों ने स्थायी पलायन किया।