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Haridwar: सवर्ण समाज ने शंख और घंटे बजाकर किया यूजीसी का विरोध

अलका त्यागी Updated Thu, 12 Feb 2026 10:48 PM IST

सरकार ने सवर्ण समाज के बच्चों पर थोपा काला कानून-पंडित अधीर कौशिक हरिद्वार, 12 फरवरी। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक के नेतृत्व में सवर्ण समाज के लोगों ने परशुराम घाट पर शंख और घंटे बजाकर यूजीसी कानून का विरोध किया। साथ ही बैठक कर यूजीसी के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। बैठक में यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग को लेकर मशाल जुलूस निकालने और जनप्रतिनिधियों के घेराव का निर्णय लिया गया। इस दौरान श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि लोगों को बांटने का कार्य कर रही सरकार ने यूजीसी जैसा काला कानून सवर्ण समाज के बच्चों पर थोप दिया है। जिससे सवर्ण समाज के बच्चों का भविष्य अंधकार में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज का बड़ा वर्ग इसके खिलाफ बोलने को भी तैयार नहीं है। इसीलिए उन्हें सड़कों पर उतरकर यूजीसी का विरोध करना पड़ रहा है। आगामी 18 फरवरी की शाम को हरिद्वार के गीत गोविंद बैंकट हॉल से ऋषिकुल मैदान तक मशाल जुलूस निकाला जाएगा। 22 फरवरी से विधायक और सांसदों का घेराव किया जाएगा। पूर्व पार्षद कमलप्रीत शर्मा ने कहा कि यूजीसी का विरोध करके हम अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं। लगातार हो रहे विरोध के बावजूद भी सरकार यूजीसी को वापस लेने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। कथावाचक पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सरकार को यह कानून वापस लेना चाहिए। इससे संस्कृति और संस्कार दोनों खराब हो रहे हैं।

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