बागेश्वर। मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने, राहत और बचाव तंत्र की तैयारियों को परखने के लिए में राज्यस्तरीय मानसून मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अभ्यास के दौरान बादल फटना, भूस्खलन, भू-धंसाव, अतिवृष्टि और बाढ़ जैसी काल्पनिक परिस्थितियां बनाकर जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन, स्वास्थ्य और राजस्व समेत सभी संबंधित विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी समन्वय का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल के तहत जिला मुख्यालय के बिलौनासेरा में बादल फटने और भूस्खलन, कपकोट के भयूं क्षेत्र में अतिवृष्टि, बाढ़, गरुड़ के गढ़सेर में भू-धंसाव और कांडा-सानिउडियार मोटर मार्ग पर भूस्खलन की काल्पनिक घटनाओं पर रिस्पांस टीमों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इंसीडेंट कमांडर के नेतृत्व में टीमों ने प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, प्राथमिक उपचार देने और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने का अभ्यास किया। डीएम अपूर्वा पांडेय ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में सभी विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों की उपलब्धता का व्यावहारिक परीक्षण करना है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में जनधन की क्षति को न्यूनतम किया जा सके। इस दौरान एनसीसी, एनएसएस, रेडक्रॉस और आपदा मित्रों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।