असम राइफल्स पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक नगर के एक स्थानीय होटल में आयोजित हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, पूर्व सैनिकों के कल्याण और उनकी विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पूर्व कमांडेंट बलवंत सिंह और पूर्व सूबेदार मोहन चंद्र तिवारी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान 36 जेसीओ, 23 मातृशक्ति सहित कुल 74 पूर्व सैनिकों एवं पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में अधिक से अधिक पूर्व सैनिकों को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया गया। साथ ही जिन पूर्व सैनिकों के ईसीएचएस कार्ड नहीं बने हैं, उन्हें इसके लाभों की जानकारी देकर जल्द कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। इसके अलावा बैंक पासबुक में डीएसपी संबंधी आवश्यक संशोधन कराने, उससे मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देने तथा स्वयं एवं अपने आश्रितों के नाम, पता और जन्मतिथि सहित सभी अभिलेख अद्यतन रखने के लिए भी जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि 192 वर्ष पुरानी असम राइफल्स देश की सबसे पुरानी अर्द्धसैनिक बलों में शामिल है, जिसने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में वीरता और समर्पण का परिचय दिया है। इसके बावजूद यह बल आज भी अपनी अलग पहचान और उचित सम्मान के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि असम राइफल्स की गौरवशाली विरासत को उचित पहचान दिलाने के लिए सभी पूर्व सैनिकों और समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। बैठक में ऑनरेरी कैप्टन दान सिंह, गोविंद सिंह, पी.सी. चंदोला, भजन राम सहित कई पूर्व सैनिक एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। अंत में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा पूर्व सैनिकों के हितों के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया।