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Bageshwar: कला समेकित अधिगम पर राष्ट्रीय सेमिनार शुरू, शिक्षा को सरल बनाने पर मंथन

गायत्री जोशी Updated Wed, 28 Jan 2026 03:50 PM IST

बागेश्वर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में कला समेकित अधिगम: अवसर एवं चुनौतियां विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ हो गया है। एनईपी 2020 के आलोक में आयोजित संगोष्ठी में देशभर के शिक्षाविदों ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि एक कला है। सेमिनार में विभिन्न विषयों को कला के माध्यम से सरल और बोधगम्य बनाने के नवाचारों पर गहरा विमर्श किया जा रहा है। बुधवार को डायट सभागार में आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीसीआरटी नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. गिरीश चंद्र जोशी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा स्वयं में एक कला है और कला जीवन जीने की शैली। विशिष्ट अतिथि डॉ. एसपी सेमवाल ने जोर देते हुए कहा कि कला मानव की जन्मजात आवश्यकता है और इसके बिना शिक्षा की परिकल्पना संभव नहीं है। मुख्य वक्ता के रूप में गुजरात एससीईआरटी की डॉ. वैशाली ने पीपीटी के माध्यम से कला के विभिन्न पक्षों को बारीकी से समझाया। एससीईआरटी देहरादून के डॉ. संजीव चेतन ने वर्तमान व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज शिक्षा में कला हाशिए पर जा रही है जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है। सेमिनार के संयोजक डॉ. हरीश जोशी और सह समन्वयक डॉ. रुचि पाठक ने बताया कि दो दिनों में चार तकनीकी सत्रों में विमर्श होगा। इसमें राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए 30 से अधिक शोधकर्ता अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेगें। इस दौरान बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सुमन नेगी, शुभम पांडेय, खुशी आर्या और मेघा को मुख्य अतिथियों ने सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव जोशी ने किया। इस मौके पर डीईओ माध्यमिक आशा राम, राजस्थान से डॉ. राजेंद्र कुमार निर्मल, अजय शर्मा, नैनीताल से डॉ. डीएन भट्ट, डायट चंपावत से डॉ. दिनेश खेतवाल, डॉ. कमल गहतोड़ी, डॉ. केएन कांडपाल, बलवंत कालाकोटी, लक्ष्मी मेहरा, डॉ. अंजू परिहार, दीपिका जोशी, ज्योति जोशी, पंकज शाह आदि मौजूद रहे।

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