पितृपक्ष की शुरुआत शनिवार से होगी। इससे पहले शुक्रवार से ही काशी में पितरों का तर्पण करने के लिए लोग पहुंचे। पितृपक्ष की अंतिम तिथि 10 अक्तूबर को सर्वापितृ अमावस्या होगी। इस दिन उन पूर्वजों का भी श्राद्ध और तर्पण करने की परंपरा है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती या किसी कारण से निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं हो पाया हो।