तहसील क्षेत्र के बरचंदा गांव में सई नदी उफान पर है। नदी के रौद्र रूप से करीब 200 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। गांव के सभी आने-जाने वाले रास्तों में पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यह गांव बछरावां में रहकर भी अलग-थलग पड़ा है। देखने में यह उन्नाव जिले में लगता है, लेकिन सरकारी अभिलेखों में बछरावां विकास खंड में दर्ज है। ग्रामीणों के अनुसार पहले यह गांव सई नदी के इस पार था। एक बार आई भीषण बाढ़ में नदी ने अपना रास्ता बदल लिया और गांव दूसरे छोर पर चला गया। तब से यह गांव विकास से कोसों दूर है। मौजूदा हालात में नदी के उफान से किसानों की सैकड़ों बीघा तैयार धान की फसल डूब गई है, जिससे उन्हें भारी नुकसान की आशंका है। ग्रामीण बोले - निकलना हुआ मुश्किल ग्रामीण बाबूलाल, कुलदीप, सर्वेश, लवकुश, दिलीप यादव, आशीष त्यागी, अंशु त्यागी, कृष्णपाल, देवी दयाल, देवी मिस्त्री, नेपाल लोधी, हेमराज, नाथ, सोनू सिंह, हरिप्रसाद, रामनरेश और रमेश ने बताया कि धान की फसल पूरी तरह डूब गई है। रास्तों में घुटने भर पानी भरा है, जिससे बच्चों को स्कूल और लोगों को बाजार आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। उप जिलाधिकारी आयुष अग्रवाल ने बताया कि टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।