रायबरेली में एबीवीपी और समाजवादी छात्र सभा के बीच बृहस्पतिवार को हुई तकरार ने सियासी हलकों की गर्मी बढ़ दी है। भाजपा का खेमा शांत है लेकिन सपा पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ आंदोलन की राह पर है। मामले की जानकारी सपा प्रमुख अखिलेश यादव को दी गई है। जिसके चलते पूर्व मुख्यमंत्री ने शनिवार को लखनऊ में हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी, बछरावां विधायक श्याम सुंदर, सरेनी विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष इ, वीरेंद्र सिंह, प्रदेश सचिव शशिकांत शर्मा से मुलाकात कर चुके हैं। वहीं उन्होंने साफ कहा कि भाजपा सरकार में पुलिस निरंकुश हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी के गुंडों ने आकर छात्र सभा के कार्यक्रम को नहीं होने दिया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। वह ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि सजातीय लोगों को बढ़ावा दिया जा सके। सपा जिलाध्यक्ष के मुताबिक अखिलेश यादव 24 सितंबर को रायबरेली का दौरा करेंगे। बृहस्पतिवार को फीरोज गांधी डिग्री कॉलेज के गेट पर छात्र सभा की ओर से पीडीए जागरूकता और सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ताओं और छात्र सभा के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ा कि सपा जिलाध्यक्ष इ. वीरेंद्र सिंह, हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी, बछरावां विधायक श्याम सुंदर मौके पर पहुंचे। इस पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो मामला और बढ़ गया। सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सदर कोतवाली प्रभारी ने उनके साथ अभद्रता की। मामला बढ़ते बढ़ते एसपी कार्यालय तक पहुंचा था और वहां पर भी जमकर हंगामा हुआ था। इस दौरान विधायक राहुल लोधी के साथ पुलिस की नोकझोंक हुई थी। विधायक ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। शुक्रवार को भी पुलिस और सपाई एक दूसरे के सामने रहे और डीएम ने सपा के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर उनकी बात सुनी, जिसके बाद मामला शांत हो गया। अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रायबरेली आने का एलान किया है। गत शनिवार को उन्होंने सपा के 17 पदाधिकारियों और तीन विधायकों से इस पूरे मामले पर बात की। अखिलेश यादव का रायबरेली दौरा खासा अहम माना जा रहा है। कारण इससे पहले कभी भी इस तरह के मामलों के बाद सपा प्रमुख ने जिले का दौरा नहीं किया है। अखिलेश यादव छात्र सभा सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। हालांकि अभी यह तय नहीं किया गया है कि यह सम्मेलन कहां होगा। सपा प्रमुख रायबरेली आएंगे तो तय है कि उनके निशाने पर पुलिस प्रशासन होगा। चूड़ी पहनने की बात जिस तरह से सपा जिलाध्यक्ष और सदर कोतवाल के बीच हुई थी। वह भी अखिलेश उठा सकते हैं। यही नहीं रायबरेली में सपा का राजनीति आधार मजबूत है। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले सपा इस मुद्दे को लेकर लीड लेने की कोशिश करेगी। अखिलेश यादव के बयानों से साफ है कि अवध क्षेत्र में आने वाले दिनों में रायबरेली का यह मामला राजनीति का अहम मुद्दा बनने जा रहा है। वहीं अखिलेश यादव का दौरान पुलिस प्रशासन के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठेंगे और उसे किस तरह संभाला जाएगा, इस पर चर्चा जोरों पर है। 24 सितंबर को अखिलेश यादव रायबरेली आ रहे हैं और वह पांच घंटे तक शहर में रहेंगे। इस दौरान वह कई जगहों पर जाएंगे। दौरे की शुरूआत वह हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के आवास पर जाकर करेंगे। वहां पर पार्टी पदाधिकारियों और विधायकों की बैठक होगी। इसके बाद शहर का दौरा शुरू होगा। जिलाध्यक्ष इ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 24 सितंबर को रायबरेली आने की स्वीकृति दे दी है। वह पांच घंटे तक शहर में रहेंगे। इसके लिए 1200 कार्यकर्ताओं की भीड़ रहेगी। प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी गई है।