विंध्याचल शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर विंध्य दरबार में भक्तों का रेला लगा रहा। गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने देवी धाम में हाजिरी लगाई और पहाड़ पर त्रिकोण परिक्रमा भी किया विंध्य नगरी में जगह-जगह विधि विधान आसे कन्या पूजन और हवन पूजन होता रहा,भक्तों ने हवन कुंड में आहुतियां डालकर मां की आराधना की,भोर में मंगला आरती से लेकर रात तक मंदिर का कोना कोना मां की जय जय कार से गूंजता रहा।