हस्तिनापुर में चल रही श्रीरामलीला में रविवार को रावण और विभीषण के संवाद का मंचन किया गया। विभीषण ने रावण को माता सीता को सम्मानपूर्वक श्रीराम के पास भेजने की सलाह दी। क्रोधित रावण ने उन्हें देशद्रोही बताकर लंका से निष्कासित कर दिया। इसके बाद विभीषण ने श्रीराम की शरण में जाने का निर्णय लिया।