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VIDEO: गोवर्धन में गूंजा संघ का घोष, ब्रज प्रांत के स्वयंसेवकों ने निकाली 12 किमी की अनुशासित पथ संचलन यात्रा

मथुरा के गोवर्धन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ब्रज प्रांत के तत्वावधान में एक ऐतिहासिक और अनुशासित आयोजन संपन्न हुआ। संघ के हजारों स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से 12 किलोमीटर लंबे गिरिराज परिक्रमा मार्ग में भव्य पथ संचलन निकाला। इस दौरान घोष की संगीतमय ध्वनियों से पूरा परिक्रमा मार्ग भक्ति और देशभक्ति के अनूठे माहौल में सराबोर हो गया। पथ संचलन जैसे ही मुख्य मार्गों व परिक्रमा मार्ग से गुजरा, पूरा वातावरण 'जय श्री राम' और देशभक्ति के जयकारों से गूंज उठा। स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने छतों और सड़कों के किनारे खड़े होकर स्वयंसेवकों पर लगातार फूलों की बारिश की। इस अनुशासित संचलन को देखने के लिए बच्चों से लेकर महिलाओं और बुजुर्गों तक, हर वर्ग के लोग सड़कों पर पंक्तिबद्ध एकत्र दिखाई दिए। अनेक स्थानों पर सामाजिक संगठनों और नगरवासियों द्वारा स्वयंसेवकों के स्वागत में पुष्प-मालाएं पहनाई गईं तथा जल सेवा और जलपान की विशेष व्यवस्था की गई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में 'घोष' (बैंड दल) का विशेष महत्व माना जाता है। गोवर्धन की इस 12 किलोमीटर की परिक्रमा में घोष दल की उपस्थिति ने आयोजन को अत्यंत भव्य और आकर्षण का केंद्र बना दिया। संघ की संगठनात्मक संरचना के अनुसार उत्तर प्रदेश के पश्चिमी व मध्य-पश्चिमी क्षेत्र 'ब्रज प्रांत' के अंतर्गत आते हैं। इस ऐतिहासिक पथ संचलन में ब्रज प्रांत के अंतर्गत आने वाले मथुरा विभाग (मथुरा, गोवर्धन, वृंदावन, छाता, कोसीकलां), आगरा विभाग (आगरा, फतेहपुर सीकरी, बाह, एत्मादपुर), अलीगढ़ विभाग (अलीगढ़, खैर, अतरौली, इगलास), बरेली विभाग (बरेली, आंवला, नवाबगंज) और फिरोजाबाद विभाग (फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, टुंडला) सहित मैनपुरी, एटा, कासगंज, हाथरस, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत जिलों से आए हजारों स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। इन सभी जिलों व नगरों से आए स्वयंसेवकों ने अनुशासित रूप से संचलन में सहभागिता कर सामाजिक समरसता और राष्ट्र-भक्ति का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि पथ संचलन केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि संघ के अनुशासन, बंधुत्व और राष्ट्र-निर्माण के संकल्प का प्रतीक है। गोवर्धन की पवित्र भूमि पर आयोजित इस 12 किलोमीटर के अनुशासित संचलन ने श्रद्धालुओं और आम जनमानस पर एक अमिट छाप छोड़ी।

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