मथुरा में ब्रजरज महोत्सव में मैनपुरी से आए कारीगरों की तारकशी कला लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। लकड़ी पर धातु के तारों से की गई बारीक नक्काशी और आकर्षक कलाकृतियों को देखकर लोग दंग रह गए। स्टाल पर सजे कलात्मक उत्पादों को देखने के साथ ही लोगों ने इस पारंपरिक कला के बारे में भी जानकारी ली। तारकशी के कारीगर मास्टर राजकुमार शाक्य ने बताया कि उनका परिवार पिछले करीब 100 वर्षों से इस कला को संजोने में जुटा है। यह उनकी चौथी पीढ़ी है, जो इस पुश्तैनी हुनर को आगे बढ़ा रही है। तारकशी के काम से ही उनके परिवार की आजीविका चलती है। उन्होंने बताया कि मैनपुरी में उनके सिखाए कई कारीगर इस कला में दक्ष होकर देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।