मैनपुरी में बारिश के बाद विकासखंड किशनी की ग्रामसभा मनिगांव और आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। अरिंद नदी का जलस्तर बढ़ने से खेतों में पानी भर गया है। इससे सैकड़ों बीघा धान और बाजरे की फसल प्रभावित हुई है। किसानों ने शनिवार को गांव में प्रदर्शन कर खेतों से पानी की निकासी कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहा तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था करा दी जाए तो करीब 25 प्रतिशत फसल को बचाया जा सकता है। कई खेतों में धान की फसल पानी में डूबी हुई है। किसान रामकुमार दुबे का कहना है कि नंदपुर के पास कई वर्ष पूर्व बनाए गए चेकडैम के कारण नदी के पानी का बहाव प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा नदी में फैली जलकुंभी भी पानी के बहाव में बाधा बनी हुई है। धान और बाजरे की फसल का नुकसान सिर्फ मनिगांव में ही नहीं बल्कि रमपुरा, नंदपुर, डेरा डूंगर, कोडर, दादीपुर के किसानों की जमीनें बारिश के पानी से जलमग्न हैं। ग्रामीणों के प्रदर्शन की जानकारी पर एसडीएम नवनीता राय और तहसीलदार भारत कुमार मौर्य ने मौके पहुंचे और जलभराव की स्थिति को देखा। किसानों की समस्याएं सुनकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मौके पर रामवीर, पवन कुमार, जितेंद्र शाह, बृजेश कुमार, कमलेश शाक्य, सुदीप कुमार, अर्जुन सिंह, राकेश शाक्य, रामसिंह कठेरिया, रामकली, सुशीला देवी कश्यप आदि मौजूद रहे।