डायट मैदान पर चल रहे एनएचएम कर्मचारियों के तीन दिवसीय धरने के अंतिम दिन शनिवार को हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने एकजुटता का परिचय दिया। कहा कि तीन दिनों तक आंदोलन के बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जिसके चलते अब विधानसभा का घेराव करने के लिए वह बाध्य हो गए हैं। उन्हें उम्मीद थी कि कैबिनेट की बैठक में उनके लिए कोई घोषणा की जाएगी सरकार ने उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया जिससे जाहिर है कि सरकार उनकी मांगों को जानबूझकर अनसुना कर रही है। कहा कि अब पूरे प्रदेश से कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर अपनी मांगों को बुलंद करेंगे और सरकार को विवश करेंगे। अब लड़ाई आरपार की होगी। समान काम के लिए समान वेतन मिलना चाहिए यह हमारा संवैधानिक अधिकार है। कोविड महामारी में जब लोग घरों से नहीं निकल रहे थे ऐसे वक्त में कर्मचारियों ने जान हथेली पर रखकर मरीजों की सेवा की और उनकी देखभाल की।