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कानपुर में घटिया सड़कें, चरमराती ट्रैफिक व्यवस्था और एयर कनेक्टिविटी के अभाव ने साख और गौरव पर बड़ा आघात किया

कानपुर में घटिया सड़कें, चरमराती ट्रैफिक व्यवस्था और एयर कनेक्टिविटी के अभाव ने कानपुर के साख और गौरव पर एक बार फिर बड़ा आघात किया है। चिकित्सा जगत में देश भर में उत्तर और मध्य भारत का सबसे पुराना कानपुर आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स अब नाम का कानपुर रह गया है, जबकि इस बार भी दो से चार अक्टूबर को इसका आयोजन मजबूरी में लखनऊ में करना पड़ रहा है। ये बातें परेड स्थित आईएमए भवन में साइंटिफिक कमेटी के चेयरमैन डॉ. ए.एस. प्रसाद ने कहीं। उन्होंने शहर की बदहाली पर गहरा दुख व्यक्त किया। बताया कि इस वर्ष उम्मीद थी कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे शुरू हो जाने से स्थिति सुधरेगी। इसके लिए डॉक्टरों और मेहमानों के ठहराव का इंतजाम बिठूर के एक होटल में 80 कमरे और सिविल लाइंस स्थित होटल में 50 कमरे एडवांस में बुक कर किया गया था। लेकिन, जब एक्सप्रेसवे का हश्र खराब देखा तो हमने सभी बुकिंग रद्द कर दी। देश और विदेश से आने वाले विशेषज्ञों ने साफतौर पर कहा है कि वे कानपुर की खराब सड़कों और फ्लाइट न होने जैसी समस्या से परेशान हैं और यहां आना नहीं चाहते हैं। इसलिए अगर लखनऊ में प्रोग्राम करेंगे तो वे आ जाएंगे। डॉ. प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2005 में इस कोर्स की नींव कानपुर में रखी गई थी और 2019 तक इसके सभी सफल आयोजन यहीं हुए। हालांकि, शहर की चरमराती व्यवस्था, घटिया सड़कें, लगातार लगता ट्रैफिक जाम और मैक्रोबोट अस्पताल के सरकारी नियंत्रण में चले जाने जैसी व्यावहारिक समस्याओं के कारण बाहर से आने वाली फैकल्टी ने कानपुर आने से पूरी तरह मना कर दिया। नाम कानपुर का होने के बावजूद पिछले चार आयोजनों की तरह इस बार भी आयोजकों को भारी मन से लखनऊ के होटल रामाडा में शरण लेनी पड़ी। शहर के प्रशासनिक ढुलमूल रवैये और प्रशासनिक अनदेखी के कारण कानपुर ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के इतने बड़े वैज्ञानिक आयोजन की मेजबानी खो दी है। डॉ. प्रसाद ने इसके लिए आम जनता से भी अपील की कि अपने मुद्दे और हित पर ध्यान दें और आवाज उठाएं। डॉ. प्रसाद ने बताया कि अगर यहां पर होता तो यहां के भी युवा डॉक्टर बड़ी संख्या में इस अकादमिक कोर्स में भाग ले सकते थे और यहां की जनता के लिए भी कई महत्वपूर्ण चीजें हो सकती थीं। आयोजन अध्यक्ष, डॉ. आनंद निगम ने कहा कानपुर आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स-2026 का आयोजन लखनऊ के होटल में होने जा रहा है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम प्रिसिजन इन आर्थ्रोप्लास्टी- द नेक्स्ट एरा रखी गई है, जिसमें देश-विदेश के ऑर्थोपेडिक सर्जन जोड़ प्रत्यारोपण की आधुनिक तकनीकों पर मंथन करेंगे। हम सर्जनों को एक ऐसा मंच दे रहे हैं जहां लाइव सर्जरी और इंटरैक्टिव डिस्कशंस के माध्यम से वे नई तकनीकों को सीख सकें। सह-अध्यक्ष, डॉ. विशाल अग्रवाल ने बताया इस बार हमारा मुख्य फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस'' पर रहेगा। आयोजन सचिव, डॉ. विनय गुप्ता ने कहा, हिप सर्जरी के लिए डायरेक्ट एंटीरियर एप्रोच और जटिल रिवीजन जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की तकनीकी चुनौतियों चर्चा होगी। संयुक्त आयोजन सचिव, डॉ. अमित वर्मा ने कहा, युवा डॉक्टरों के हैंड्स-ऑन अनुभव के लिए सीमित सीटों के साथ खास रोबोटिक वर्कशॉप होगी, जिनमें नई तकनीकों का सीधा अभ्यास कराया जाएगा।

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