कानपुर के आर्यनगर स्थित क्लब में जीएसटी सीए एसोसिएशन की ओर से आयोजित गोष्ठी में जीएसटी काउंसिल के नवीनतम निर्णयों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि किसी भी सीए या टैक्स प्रोफेशनल द्वारा क्लाइंट को दी गई व्यावसायिक सलाह को तब तक अपराध नहीं माना जा सकता, जब तक कि उसकी सीधे तौर पर मिलीभगत या दुर्भावनापूर्ण मंशा साबित न हो। इसके अलावा, जांच अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र, परिसरों के निरीक्षण की अनुमति प्रक्रिया और गिरफ्तारी संबंधी कड़े प्रावधानों को वापस लेने के फैसले पर विचार-विमर्श किया गया।