पीडब्ल्यूडी की ओर से करीब 25.24 करोड़ रुपये से कराए गए तीन कार्यों की गुणवत्ता बारिश के दौरान सवालों के घेरे में आ गई है। न्यू शिवली रोड से बारासिरोही तक 23.74 करोड़ रुपये खर्च कर नाला और सड़क बनवाई गई। सड़क पर एक माह में ही गड्ढे होने लगे हैं। नाला उल्टा बनाए जाने से वकीलनगर समेत कई इलाकों में पानी नहीं निकल रहा। सेक्टर-8 से जामुनवाली गली तक करीब एक करोड़ रुपये से बनी डामर वाली सड़क बारिश में बह गई। गड़रियनपुरवा में 50 लाख से नाला बनाया जाना था। यहां पुराने नाले को तोड़े बिना ऊपर आरसीसी की ढलाई कर प्लास्टर कर दिया गया, जो दो माह में ढह गया। मामले में अपर मंडलायुक्त ने जांच के लिए डीएम कार्यालय को पत्र भेजा है। वार्ड-19 कल्याणपुर दक्षिण की पार्षद ज्योति पासवान के पति दिनेश पासवान के मुताबिक पीडब्ल्यूडी ने ठेकेदार राहुल गुप्ता को न्यू शिवली रोड से बारासिरोही तक करीब दो किलोमीटर नाला और डामर सड़क बनाने का 23.74 करोड़ रुपये में ठेका दिया था। आरोप है कि घटिया निर्माण के साथ नाला उल्टा बना दिया गया। इससे वकीलनगर समेत आसपास के मोहल्लों का पानी नहीं निकल रहा। नाले को पटिया से ढकने के बजाय आरसीसी से पाट दिया गया। वहीं सड़क में डिवाइडर की ढलाई करने के बजाय अलग से रख दिए गए हैं। बारिश में मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। जलभराव से करीब 25 हजार लोग प्रभावित हैं। दूसरे ठेकेदार सूरज कटियार ने सेक्टर-8 से जामुनवाली गली तक करीब एक करोड़ रुपये में डामर वाली सड़क बनाई जो बारिश में बह गई। इसी ठेकेदार को गड़रियनपुरवा में पावर हाउस के पीछे 50 लाख रुपये से नाला बनाने का काम मिला था। आरोप है कि ईंट के पुराने नाले को तोड़ने के बजाय उसी पर आरसीसी की ढलाई कर प्लास्टर कर दिया गया। सरिया भी नहीं लगाई गई। बारिश के दौरान पानी बढ़ा तो नाले की दीवार दो माह में ढह गई।