मिरहची । पिछले 15 दिनों से मिरहची कस्बा सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों में हो रही अघोषित विद्युत कटौती से परेशान महिलाओं का गुस्सा आखिरकार आधी रात को फूट पड़ा। भीषण गर्मी और उमस में बिजली न आने से त्रस्त दर्जनों महिलाएं हाथों में लाठी-डंडे लेकर कासगंज रोड स्थित 132 केवीए बिजलीघर पर पहुंच गईं और जमकर हंगामा करते हुए घेराव कर दिया। बताया जा रहा है कि रात करीब 12 बजे जब पूरा कस्बा अंधेरे में डूबा था और बच्चे गर्मी से बिलबिला रहे थे, तभी मोहल्ला गड्डा, मोहल्ला तकिया,एटा रोड, यादव नगर की दर्जनों महिलाएं एकजुट होकर बिजलीघर पर पहुंच गईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि दिन में तो बिजली आती ही नहीं, रात में भी रोस्टिंग के नाम पर 2-2 घंटे के लिए सप्लाई काट दी जाती है। इन्वर्टर जवाब दे गए हैं, पानी की मोटर नहीं चल रही और छोटे-छोटे बच्चे पूरी रात रोते रहते हैं। गुस्साई महिलाओं ने बिजलीघर के गेट पर पहुंचकर ताला बंद कर्मचारियों को बाहर निकालने की मांग की और जमकर नारेबाजी की। महिलाओं के हाथों में लाठी-डंडे देखकर मौके पर मौजूद बिजलीकर्मियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना अवर अभियंता को दी। महिलाओं का कहना था कि उनके पति दिनभर मजदूरी करके आते हैं और रात में बिना पंखे के सो नहीं पाते। रसोई में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है क्योंकि अंधेरे में जहरीले कीड़े-काटों का डर बना रहता है। हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए मजबूरन आधी रात को सड़क पर उतरना पड़ा। सूचना पर पहुंचे बिजली विभाग के कर्मचारियों ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि फॉल्ट के कारण कटौती हो रही है, जिसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा। लेकिन महिलाओं ने उनकी एक न सुनी और कहा कि जब तक पूरी रात बिजली नहीं दी जाएगी, वे बिजलीघर से नहीं हटेंगी। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद कर्मचारियों ने किसी तरह लाइन चालू की, तब जाकर महिलाएं शांत हुईं और अपने घरों को लौटीं। हालांकि जाते-जाते उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फिर से अघोषित कटौती हुई तो वे अपने बच्चों के साथ बिजलीघर पर ही डेरा डाल देंगी। इस अनोखे प्रदर्शन की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। लोगों का कहना है कि दिन मे पुरुषो ने बिजलीघर का घेराव किया महिलाओं ने मोर्चा संभाला है, जो विभाग की लापरवाही को उजागर करता है।