एटा। मौसम में बदलाव के साथ श्वसन संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ चेस्ट डिसीज एंड ट्यूबरक्लोसिस (टीबीसीडी) विभाग में डॉ. अंजलि ने बताया कि इन दिनों रोजाना करीब 150 मरीज सांस फूलने, दमा, क्षय रोग समेत अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं का उपचार कराने पहुंच रहे हैं। इनमें युवाओं की संख्या भी काफी है। 40 वर्ष तक की उम्र के मरीज सांस फूलने और दमा जैसी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। आजकल युवा लोग शौक में सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला आदि का सेवन कर रहे हैं जिससे श्वसन तंत्र पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लगातार धूम्रपान करने वालों में थोड़ी दूरी चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर ही सांस फूलने की समस्या सामने आ रही है। पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन से भी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।