अजय कुमार श्रीवास्तव देहात थाना क्षेत्र के चरनगहिया-बेलहा गांव में शनिवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। दुर्गा मंदिर के सामने आरती के बाद सड़क किनारे पर्दा लगाकर वीडियो देख रहे ग्रामीणों के बीच तेज रफ्तार कार घुस गई थी। हादसे में पाटेश्वरी प्रसाद उर्फ महता प्रसाद (42), मनोज सिंह (51) और गणेश पांडेय (45) की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा है। रविवार को किसी के घर चूल्हा नहीं जला। जिन गलियों में एक दिन पहले तक सामान्य चहल-पहल थी, वहां अब अपनों को खोने का गम और हादसे की चर्चा है। रविवार सुबह से ही गांव में अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। एसडीएम मनोज कुमार सरोज गांव पहुंचे और हादसे में घायल लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। वहीं, एडीएम संदीप केला जिला मेमोरियल अस्पताल पहुंचे और भर्ती घायल का हाल जाना। अधिकारियों के आवागमन के बीच गांव में हर तरफ हादसे की ही चर्चा होती रही। ग्रामीणों के मन में एक ही सवाल था कि आखिर मंदिर के सामने बैठे लोगों को कार ने कैसे कुचल दिया और तीन परिवारों के सिर से अपनों का साया कैसे उठ गया। जिस जगह भक्ति के बाद जुटे थे ग्रामीण, वहीं बिछ गईं लाशें चरनगहिया-बेलहा गांव में शनिवार रात करीब 11 बजे दुर्गा मंदिर के सामने ग्रामीण आरती समाप्त होने के बाद पर्दा लगाकर वीडियो देख रहे थे। आसपास कई लोग बैठे थे। इसी बीच गौरा चौराहे की तरफ जा रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे टेंट का हिस्सा तोड़ते हुए लोगों के बीच घुस गई। अचानक हुए इस हादसे में सात लोग घायल हो गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण घायलों की मदद के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी। घायलों को जिला मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। चार घायलों में दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें बहराइच रेफर कर दिया गया, जबकि दो अन्य का जिला मेमोरियल अस्पताल में उपचार चल रहा है। हादसे की खबर मृतकों के घर पहुंची तो परिवारों में कोहराम मच गया। रविवार को भी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।