अंबेडकरनगर: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोली क्षेत्र में सेवा पॉवर प्रोजेक्ट में मंगलवार शाम केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के शिविर में हुई गोलीबारी में बलिदान हुए अंकित पांडेय का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार सुबह करीब 11.30 बजे पैतृक गांव मठिया पहुंचा। यहां पारिवारिक रस्मों और सीआईएसएफ की टीम ने राजकीय सम्मान व सलामी देने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद दोपहर करीब 03.30 इल्तिफातगंज स्थित सरयू नदी के घाट पर दो साल के बेटे अगस्ता और बड़े जीता श्याम सुंदर मिश्रा ने बंदूकों से सलामी के बीच मुखाग्नि दी। इब्राहिमपुर क्षेत्र के दौलतपुर एकसारा (मठिया) निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक शिव प्रसाद पांडेय के पुत्र अंकित पांडेय (36) का पार्थिव शरीर जम्मू से दिल्ली होते हुए सुबह करीब सात बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा। यहां से सड़क मार्ग से सीआईएसएफ के जवान और परिवार के लोग पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे। पार्थिव शरीर पहुंचते ही पूरा गांव चीख-पुकार से गूंज उठा। पिता शिव प्रसाद पांडेय व मां प्रमिला पांडेय के साथ छह बहनें और परिवार के अन्य सदस्य रो-रोकर अंकित का चेहरा आखिरी बार देखने की गुहार लगाते रहे। पत्नी प्रियंका पांडेय की चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। सीआईएसएफ के प्रयागराज परिक्षेत्र के डीआईजी मनीष सिंह की मौजूदगी में एनटीपीसी यूनिट ने तिरंगा अर्पित करने की रस्म पूरी की। इसके बाद परिजनों व रिश्तेदारों के साथ जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। दोपहर करीब डेढ़ बजे गमगीन माहौल में अंतिम यात्रा शुरू हुई जिसके पीछे जनसमूह साथ चल पड़ा। मठिया गांव से लेकर इल्तिफातगंज स्थित सरयू नदी के घाट तक सैकड़ों दोपहिया और चार पहिया वाहनों से लोग अंकित पांडेय अमर रहे के नारे लगाते रहे। घाट पर सीआईएसएफ के जवानों ने बंदूकों से फायरिंग कर सलामी दी। परिवार के सदस्यों ने सनातन परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किया। सुबह से ही घर पर जुटने लगे लोग मठिया गांव में शिव प्रकाश पांडेय के घर के बाहर सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। सीआईएसएफ के जवानों ने अंतिम यात्रा के लिए फूलों से सुसज्जित वाहन का प्रबंध किया। इसके साथ ही सलामी व अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए। घर से करीब 100 मीटर दूर मुख्य मार्ग पर पहले तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ घर के बाहर रखा गया जहां सभी ने अंतिम दर्शन किए। इस दौरान पूर्व सांसद रितेश पांडेय, जिला पंचायत प्रशासक साधू वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल देव वर्मा, बसपा नेता विनय पाठक, प्रधान अंकित पांडेय, सीओ टांडा प्रदीप सिंह चंदेल, एसडीएम टांडा संजीव सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे। ये हुई थी घटना मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे शिविर में जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी दौरान एक हेड कांस्टेबल ने अपनी सरकारी राइफल से गोलीबारी कर दी। अचानक हुई गोलीबारी में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, उप निरीक्षक लक्ष्मण सिंह समेत चार जवानों की मौत हो गई थी। यह घटना हमारी फोर्स और परिवार के लिए बहुत दुखद है। यह ऐसा मौका है कि हम सभी को आत्ममंथन करने की जरूरत है। एक सहायक कमांडेंट को तैयार करने में सरकार से लेकर व्यक्ति की बहुत मेहनत लगती है। यह पूरे देश के लिए बड़ा नुकसान है। इसकी भरपाई संभव नहीं है। - मनीष सिंह, डीआईजी सीआईएसएफ प्रयागराज