पथरचट्टी रामलीला में ‘कथा रामराज की’ का शुभारंभ, राम जन्म से पुष्प वाटिका तक के प्रसंगों का हुआ मंचन श्री पथरचट्टी रामलीला कमेटी की सुविख्यात रामलीला कथा रामराज की के पहले दिन दृश्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया। पहले दिन जनम लिये चारो भइया, अवध में बाजे बधइयां की भावभूमि से शुरू हुई लीला में भगवान राम के जन्म, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार और जनकपुर की पुष्प वाटिका में प्रवेश तक के प्रसंगों का मंचन किया गया। मंचन में सबसे पहले राक्षसों के अत्याचार से पीड़ित पृथ्वी की व्यथा दिखाई गई। इसके बाद राजा दशरथ के चार पुत्रों के जन्म और उनके आनंद का प्रसंग आया। बालक राम को उंगली पकड़कर चलना सिखाती तीनों रानियों का दृश्य दर्शकों को भावविभोर कर गया। रामलीला का उद्घाटन भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक अनिल कुमार ने किया। महापौर गणेश केसरवानी ने 12 दिवसीय रामलीला के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। पूर्व न्यायाधीश विपिन चंद्र दीक्षित ने कहा कि भगवान राम का चरित्र अनुकरणीय है। पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कहा कि वह बचपन से पथरचट्टी की रामलीला देखती आ रही हैं। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में आयोजन को स्तुत्य प्रयास बताते हुए कमेटी की सराहना की।