पिता ने ही अपनी बेटी की गुमशुदी दर्ज कराई थी। इसके बाद बेटी दो दिन बाद लहूलुहान हालत में मिली थी। जिसने बाद में मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। पोस्टमार्टम में मौत का कारण मारपीट में घायल होना आया था। पुलिस ने पिता को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस अवधि में पत्नी अपने बेटे को लेकर अलग हो गई। परिवार बिखर गया। मंगलवार को एडीजे 11 रविश अत्री की अदालत ने लोकेश को आरोप से मुक्त कर दिया।