आगरा-इटावा स्टेट हाईवे पर बाह के छदामी मठ के पास शनिवार रात 9 बजे तेज रफ्तार वाहन ने मैनपुरी के दरवाह गांव (हाल निवासी बरुआ नगर बाह) के नाहर सिंह (60) एवं उनके भतीजे (मुंह बोला बेटा) नेकराम (55) को रौंद दिया था। दोनों की मौत हो गई थी। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों की बटेश्वर के मोक्षधाम में एक साथ चिताएं जलीं, तो विदाई देने वाले भी बोल उठे कि मौत भी उनको अलग नहीं कर सकी। मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र के दरवाह गांव के नाहर सिंह पुत्र राजबहादुर अपने परिवार के साथ बाह के बरुआ नगर में रहकर 3 साल से मजदूरी कर रहे थे। उन्होंने अपने पीछे दो बेटे कृष्ण गोपाल और नीरज तथा दो बेटियां हेमा और कृष्णा को छोड़ा है। भतीजा (मुंह बोला बेटा) नेकराम नाहर सिंह के साथ साए की तरह रहता था। छदामी मठ पर बटाई पर खेत लेकर बाजरा की फसल बोई थी। दोनों मेहरा पर सोकर मवेशी से बाजरा की रखवाली करते थे। शनिवार रात दोनों खाना खाने के बाद फसल की रखवाली के लिए घर से पैदल निकले थे। मोहल्ले का ही सुभाष उनको बुला कर ले गया था। तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से नाहर सिंह की मौके पर ही तथा नेकराम की एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में मौत हो गई। बाह पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजन के सुपुर्द कर दिए। परिवार मातम में डूबा है। बरुआ नगर में शोक का माहौल है।