आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुईं करीब एक दर्जन चोरी की वारदातों को लेकर स्थानीय पुलिस लगातार सवालों के घेरे में थी। बढ़ते ग्रामीणों के विरोध और राजनीतिक दबाव के चलते डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने थाना प्रभारी विजय चंदेल को हटाकर उनके स्थान पर नए प्रभारी कुलदीप सिंह को थाने की कमान सौंपी थी। हालांकि, कार्यभार संभालने के बाद पुलिस की ओर से पांच चोरी की घटनाओं के खुलासे का दावा करने के बाद नगला जाहरिया और झारौटी गांव के पीड़ित परिवार खुलासे के दूसरे दिन से ही थाने के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस के खुलासे पर सवाल उठा रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें पुलिस की ओर से चोरी के खुलासे की कोई सूचना नहीं दी गई। उन्हें दूसरे दिन समाचार पत्रों मे घटनाओं के खुलासे की जानकारी मिली। नगला जाहरिया निवासी प्रवीण सोलंकी ने बताया 10 सितंबर को उनके घर से करीब 25 से 30 लाख रुपये के आभूषण-नकदी चोरी हुई थी। इनमें उनकी और उनकी बहन की शादी के लिए रखे गहनों के साथ उनकी मां के आभूषण भी शामिल थे। प्रवीण के अनुसार, पुलिस ने नगला जाहरिया की चोरी का भी खुलासा किया है। वहीं झारौटी निवासी रामवती के बेटे नरेंद्र कुंतल ने बताया 16 सितंबर को उनके घर चोरी हुई थी। समाचार के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि पुलिस ने झारौटी की चोरी समेत पांच घटनाओं का खुलासा किया है, जिसमे मेरे घर से करीब 48 लाख रुपये के सोने चांदी के आभूषण-नकदी चोरी हुई, लेकिन पुलिस ने चोरी का खुलासा होने की कोई जानकारी नहीं दी। बरामद आभूषण और अन्य सामान भी उन्हें दिखाकर पहचान नहीं कराई गई। दोनों पीड़ितों ने मांग की है कि चोरी की घटनाओं में बरामद सामान संबंधित पीड़ितों को दिखाकर उसकी पहचान कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि बरामदगी उन्हीं के घरों से हुई चोरी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि पुलिस के खुलासे से वे संतुष्ट नहीं हैं। थाना पुलिस ने चार चोरों को पकड़कर पांच चोरियों का खुलासा किया है। ये पांच चोरी करीब 70 से 80 लाख रुपये की हैं, लेकिन बरामद चोरों से मात्र 7 से 8 लाख के करीब दर्शाया गया है। एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि चोरी का जो खुलासा हुआ है, वह सही हुआ है। चार चोर पकड़े गए। उन्होंने कबूला है। अभी कुछ चोरी की वारदातें खुलने को रह गयी हैं। कई टीम लगी हैं, जल्द चोरों को पकडकर खुलासा किया जाएगा।