ग्वालियर रोड स्थित संस्कार हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में भ्रूण लिंग जांच का खेल काफी समय से चल रहा था। लिंग की पहचान कर बताने के 90 हजार से 1 लाख रुपये तक लिए जाते थे। इसके लिए एजेंट यूपी के अलावा राजस्थान और हरियाणा तक में सक्रिय हैं। वॉट्सएप कॉल पर संपर्क करने के बाद गर्भवती महिला को बुलाया जाता था। बाद में अपनी ही गाड़ी से हॉस्पिटल तक गिरोह लेकर आता था। एक एजेंट दूसरे से संपर्क करते थे। पुलिस अब सोनीपत के समीर खर्ब की तलाश में लगी है। सोमवार शाम को हरियाणा के सोनीपत से स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने संस्कार हॉस्पिटल पर कार्रवाई की थी। टीम ने एक महिला को डिकॉय के रूप में भेजकर भ्रूण के लिंग की जांच कराई थी। इसके बाद टीम ने अस्पताल पहुंचकर कार्रवाई करते हुए करीब सात लोगों को हिरासत में लिया। बाद में चार लोगों के खिलाफ नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी सुशील कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई। पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, प्रोब और टैबलेट सहित जांच में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए। हॉस्पिटल के भी बिना पंजीकरण के संचालित होने की जानकारी टीम को मिली है।