राजधानी शिमला में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर गदर फ्रंट ने नगर निगम के समक्ष सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। हाल ही में एक बच्ची के कुत्तों के हमले में घायल होने की घटना के बाद गदर फ्रंट के अध्यक्ष रवि कुमार दलित की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने शहर में बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए मांग की कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए तत्काल प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। गदर फ्रंट ने घायल बच्ची के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग भी नगर निगम आयुक्त के समक्ष रखी। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार मुआवजे के संबंध में नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस तरह की राशि देने का निर्णय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसके बाद गदर फ्रंट ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामले में जिम्मेदारी एक-दूसरे के विभाग पर डालने के बजाय ठोस कार्रवाई जरूरी है। संगठन ने सवाल उठाया कि शहर में बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय है और आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए कब प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। गदर फ्रंट ने कहा कि शिमला शहर के 34 वार्डों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा नगर निगम की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होनी चाहिए। संगठन ने वार्डवार सर्वे कराने की मांग की है, ताकि उन क्षेत्रों की पहचान की जा सके जहां आवारा कुत्तों की समस्या अधिक है। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से स्कूलों, संवेदनशील क्षेत्रों और बच्चों की आवाजाही वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग रखी। गदर फ्रंट ने नगर निगम और प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं। इनमें शहर में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए तत्काल प्रभावी योजना तैयार करना, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था करना और 34 वार्डों में समस्या का वार्डवार सर्वे शामिल है। संगठन ने घायल बच्ची के परिवार को राहत एवं मुआवजा दिलाने के लिए संबंधित सरकार या विभाग के समक्ष मामला उठाने की मांग भी की। इसके अलावा नगर निगम की ओर से अब तक आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर किए गए उपायों और उनके परिणामों की जानकारी जनता के सामने रखने की मांग की गई। गदर फ्रंट ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि शहर में सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। संगठन ने कहा कि यदि इस संबंध में जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जनता की सुरक्षा के मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में विकास, चरणजीत, बिट्टू घारू, रमेश कुमार, सुरेश कुमार सहित गदर फ्रंट के कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।