हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों से जुड़े मुद्दों को लेकर पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। समिति ने सरकार को 15 दिन का समय देते हुए कहा है कि इस अवधि में यदि बैठक बुलाकर पेंशनरों की समस्याओं पर चर्चा नहीं की गई तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। समिति के महासचिव भूपराम वर्मा ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों की मांगों और समस्याओं को लेकर सरकार के साथ बातचीत जरूरी है। समिति चाहती है कि सरकार प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाए और लंबित मुद्दों पर चर्चा करे। समिति का कहना है कि पेंशनरों से जुड़े मामलों पर लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। अब संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर बैठक के लिए बुलावा नहीं आता है, तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से आंदोलन की आगामी रूपरेखा के बारे में विस्तृत जानकारी आगे दिए जाने की बात कही गई है। समिति के अनुसार पेंशनरों की मांगों को लेकर सरकार के साथ बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की जानी चाहिए। भूपराम वर्मा, महासचिव संयुक्त संघर्ष समिति, ने सरकार से जल्द बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संगठन अपने सदस्यों और पेंशनरों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति तय करेगा। फिलहाल समिति की ओर से सरकार को दिए गए 15 दिन के समय के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।