अर्धसैनिक बलों के लिए स्थायी कल्याण बोर्ड के गठन समेत अन्य मांगों को लेकर राजधानी शिमला के कालीबाड़ी हॉल में पेंशनरों की बैठक शुरू हो गई है। बैठक में जिला शिमला के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त कर्मचारी पहुंचे हैं। प्रदेश के अन्य जिलों से अर्धसैनिक संगठनों के पदाधिकारी भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में अर्धसैनिक कार्मिकों, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं भी बैठक में रख रहे हैं। अर्धसैनिक संगठन पेंशनर एसोसिएशन के विजय शर्मा ने कहा कि अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड को केवल तीन वर्ष की अस्थायी अवधि तक सीमित रखने के बजाय इसे स्थायी और प्रभावी स्वरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थायी बोर्ड के गठन से सेवानिवृत्त अर्धसैनिक कर्मियों, वीर नारियों और शहीद परिवारों से जुड़े कल्याणकारी मामलों के समाधान के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित हो सकेगी। पेंशनर नेताओं का कहना है कि स्थायी बोर्ड होने से संबंधित परिवारों को बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध होगी। बैठक में जिला शिमला के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों से आए पदाधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं। वे पेंशन, कल्याणकारी योजनाओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सुविधाओं और परिवारों से जुड़े मुद्दों को सामने रख रहे हैं। पेंशनर संगठनों ने सरकार से मांग की है कि बैठक में उठाए जा रहे मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाए और अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के हित में ठोस कदम उठाए जाएं।