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जालोर: पोस्ट ऑफिस एजेंट को किसने जिंदा जलाया? तीन नकाबपोश युवकों के दावे से मचा हड़कंप

Thu, 17 Sep 2026 08:57 AM IST
जालौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालोर

जालोर के आहोर बाइपास रोड पर बुधवार सुबह झाड़ियों में एक पोस्ट ऑफिस एजेंट आग की लपटों से घिरा मिला। राहगीरों ने कपड़ा डालकर आग बुझाई और एंबुलेंस को सूचना दी। गंभीर रूप से झुलसे युवक को जालोर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया। जोधपुर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान जालोर शहर के लालपोल के अंदर ठाकुरद्वारा के पास रहने वाले युनूस खान (40) पुत्र अशरफ खान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, युनूस ने बयान में बताया कि तीन नकाबपोश युवक उसे बाइक पर जबरन आहोर बाइपास की झाड़ियों तक लेकर गए और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। झाड़ियों में आग की लपटों से घिरे मिले युनूस बुधवार सुबह आहोर बाइपास रोड से गुजर रहे लोगों ने झाड़ियों में एक युवक को आग की लपटों से घिरा देखा। लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और कपड़ा डालकर आग बुझाई। इसके बाद एंबुलेंस को सूचना दी गई। गंभीर रूप से झुलसे युनूस को जालोर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जोधपुर रेफर कर दिया। जोधपुर में इलाज के दौरान युनूस की मौत हो गई। पुलिस और एमओबी टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य डीएसपी गौतम जैन के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही एएसपी मोटाराम गोदारा, कोतवाली पुलिस और एमओबी टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आया कि झाड़ियों में मिला युवक युनूस खान है, जो पोस्ट ऑफिस में एजेंट का काम करता था। बयान में बोले- तीन नकाबपोश युवकों ने बाइक पर जबरन बैठाया पुलिस के अनुसार, गंभीर रूप से झुलसे युनूस के बयान दर्ज किए गए। उसने बताया कि तीन युवक मुंह पर रुमाल बांधकर आए थे। तीनों उसे बाइक पर जबरन बैठाकर आहोर बाइपास की झाड़ियों तक ले गए। वहां युवकों ने उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। युनूस ने पुलिस को बताया कि वह उन युवकों को नहीं जानता था। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, घटना की वास्तविक परिस्थितियां और वारदात के पीछे की वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। दर्द से तड़पते रहे युनूस, मोबाइल कैमरे पर दर्ज हुआ बयान मौके पर पहुंची पुलिस टीम के सामने युनूस दर्द से तड़प रहे थे। लेडी पुलिसकर्मी गंगा कंवर ने मोबाइल कैमरा ऑन कर उनसे पूछताछ शुरू की। युनूस ने बताया कि वारदात में तीन लोग शामिल थे और वह उन्हें नहीं जानता। पुलिसकर्मी ने उससे यह भी पूछा कि क्या उसकी किसी से दुश्मनी थी, लेकिन उसने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। इस दौरान घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने पुलिस को वहां एक बोतल पड़े होने की जानकारी भी दी। पुलिस अब मौके से मिले साक्ष्यों और युनूस के बयान के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। करीब 80 फीसदी झुलसे थे, शरीर से चिपक गए थे कपड़े जालोर जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. विजय मीणा ने बताया कि युनूस करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गए थे। उनके चेहरे, पेट, पीठ, दोनों हाथ और दोनों पैर झुलसे हुए थे। आग के कारण उनके कपड़े जलकर शरीर से चिपक गए थे। हालत बेहद गंभीर होने के कारण उन्हें जोधपुर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वीरमदेव ब्रांच में लंबे समय से कर रहे थे काम पड़ोसियों के अनुसार, युनूस लंबे समय से पोस्ट ऑफिस की वीरमदेव ब्रांच में एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। घटना के बाद पुलिस को युनूस का मोबाइल फोन उनके घर से मिला है। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, युनूस के बयान और अन्य परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात किसने और क्यों की। आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस सभी पहलुओं को खंगाल रही है।

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