भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों को पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं मिलने और महापौर-उपमहापौर चुनाव को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब कांग्रेस के प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य मनोज पालीवाल ने जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरना देकर अपनी ही पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
चरखा लेकर सत्याग्रह, डोटासरा पर सवाल
पालीवाल ने महात्मा गांधी के सत्याग्रह और चरखे को विरोध का माध्यम बनाया। वे चरखा लेकर जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे और ‘रघुपति राघव राजा राम’ की धुन के बीच चरखा चलाते हुए विरोध दर्ज कराया। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के इस्तीफे की मांग की।
17 प्रत्याशियों का सिंबल बना विवाद
यह विवाद 31 अगस्त को नगर निगम चुनाव के नामांकन के दौरान सामने आया था। 70 वार्डों में कांग्रेस के 53 प्रत्याशियों के अधिकृत चुनाव चिह्न संबंधी दस्तावेज समय पर निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचे, जबकि 17 प्रत्याशियों से संबंधित अथॉरिटी लेटर निर्धारित समय तक नहीं पहुंच सके। इसके चलते इन प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार नहीं किए गए। इस मामले में पालीवाल पहले भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
पंचायत चुनाव को लेकर भी उठाए सवाल
पालीवाल ने आरोप लगाया कि 17 प्रत्याशियों को सिंबल नहीं मिलने के मामले में अब तक जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। उन्होंने आगामी पंचायतीराज चुनाव में सिंबल वितरण प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रखने की मांग की। साथ ही उन्होंने ओम नरानीवाल और महेश सोनी को पंचायत चुनाव में समन्वयक की जिम्मेदारी दिए जाने पर भी सवाल उठाए।
बोले- धमकियों से पीछे नहीं हटूंगा
पालीवाल ने दावा किया कि उन्हें पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से निष्कासन की चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि वे कार्यकर्ताओं की आवाज उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि जरूरत पड़ी तो जयपुर और दिल्ली जाकर राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने मामला रखेंगे।
मांग नहीं मानी तो भूख हड़ताल
पालीवाल ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अगला कदम भूख हड़ताल होगा। इसके बाद वे दिल्ली कूच कर राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य मुद्दा 17 प्रत्याशियों के सिंबल मामले में जिम्मेदारी तय करना और पंचायत चुनाव में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने देना है।