फरीदकोट में मानसा के परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में पंजाब बंद के आह्वान का व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही शहर के बाजार और दुकानें बंद रहीं तथा सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले कम चहल पहल नजर आई। इस दौरान सिख संगठनों ने जुबली सिनेमा चौक में धरना देकर राज्य सरकार और नशा तस्करों के खिलाफ रोष जताया। बाद में कार्यकर्ताओं ने शहर में रोष मार्च निकालकर दुकानदारों से बाजार बंद रखने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान किसान नेता शरणजीत सिंह सरां और पंथक नेता गुरसेवक सिंह भाणा ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए आवाज उठा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा तस्करों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार नशा खत्म करने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर नशे की समस्या पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है।