कौमी इंसाफ मोर्चे के आह्वान पर शुक्रवार को पंजाब बंद का फरीदकोट में व्यापक असर देखने को मिला। इस दौरान सिख संगठनों की ओर से शहर में रोष मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान जिन बाजारों में कुछ दुकानें खुली हुई थीं, उन्हें भी बंद करवा दिया गया। इस दौरान एक निजी कंपनी की बस को भी रोका गया। बाद में पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और बस को वापस बस स्टैंड भेज दिया। बंद के चलते फरीदकोट क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं, जबकि बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद रहने से सन्नाटा पसरा रहा। इस मौके पर सिख संगठनों के नेताओं दलेर सिंह डोड, शरणजीत सिंह सरां सहित अन्य नेताओं ने कहा कि सरबत खालसा द्वारा मनोनीत श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार भाई जगतार सिंह हवारा को तुरंत पैरोल देने, सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई तथा डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह खालसा सहित अन्य सिख नेताओं पर दर्ज झूठे मामलों को रद्द कर उनकी रिहाई की मांग को लेकर पंजाब बंद का आह्वान किया गया था। उन्होंने कहा कि बंद को आम लोगों का भरपूर सहयोग मिला है। नेताओं ने सहयोग करने वाले सभी वर्गों के लोगों का आभार व्यक्त किया। बंद के मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से अमन-शांति बनाए रखने के लिए शहर में जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया। एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने जिले का दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।