फरीदकोट के गांव पक्का में नशे की सरेआम बिक्री और नशे के कारण 30 से 35 युवाओं की मौत होने का दावा करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। डीएसपी त्रिलोचन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव में सर्च ऑपरेशन चलाकर संदिग्ध लोगों के घरों की तलाशी ली। हालांकि, पुलिस ने वीडियो में किए गए दावों को खारिज करते हुए कहा कि इनमें कोई सच्चाई नहीं है। जानकारी के अनुसार, गांव पक्का निवासी धर्मपाल नामक कैंटर चालक ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दावा किया था कि गांव में नशे की खुलेआम बिक्री हो रही है और अब तक क्विंटलों के हिसाब से नशा बिक चुका है। उसने यह भी दावा किया कि नशे के कारण गांव के 30 से 35 युवाओं की मौत हो चुकी है। वीडियो सामने आने के बाद डीएसपी तरलोचन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव पक्का पहुंची और संदिग्ध व्यक्तियों के घरों की तलाशी ली। पुलिस टीम वीडियो वायरल करने वाले युवक के घर भी पहुंची, लेकिन पता चला कि वह कैंटर चालक है और पिछले कुछ दिनों से कैंटर लेकर बाहर गया हुआ है। इस संबंध में डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि गांव पक्का में पुलिस की ओर से समय-समय पर सर्च अभियान चलाए जाते रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद भी पुलिस टीम ने गांव में पहुंचकर जांच की। उन्होंने बताया कि गांव पक्का में नशा तस्करी के आरोप में अब तक 11 मामले दर्ज किए गए हैं और 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। डीएसपी ने वीडियो में किए गए दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन के प्रयासों से गांव करीब 60 से 70 प्रतिशत तक नशामुक्त हो चुका है। गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा। डीएसपी ने यह भी कहा कि पुलिस को जानकारी मिली है कि वीडियो वायरल करने वाला युवक खुद भी नशे का आदी है।