जिले के लोगों को जल्द ही सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। सिविल अस्पताल पठानकोट में लंबे समय से प्रतीक्षित एमआरआई जांच सुविधा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। करीब 9 करोड़ रुपये की लागत वाली एमआरआई मशीन अस्पताल परिसर में पहुंच चुकी है और इसे स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अस्पताल प्रबंधन ने मशीन को एक महीने में इंस्टॉल कर मरीजों के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा है। एमआरआई सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को जांच के लिए निजी स्कैनिंग सेंटरों या दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकारी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों पर जांच के खर्च का बोझ कम होने की उम्मीद है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। .............. रोजाना 800-900 मरीजों की ओपीडी सिविल अस्पताल पठानकोट में प्रतिदिन करीब 800 से 900 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। पठानकोट के अलावा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए यहां आते हैं। हिमाचल के नूरपुर और जम्मू-कश्मीर के कठुआ सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी एमआरआई सुविधा का लाभ मिल सकेगा। अस्पताल में पहले से उपलब्ध जांच एवं उपचार सुविधाओं के चलते मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एमआरआई जैसी आधुनिक जांच सुविधा का अस्पताल में शुरू होना स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। .............. डॉक्टरों को बीमारी की पहचान में मिलेगी मदद एमआरआई के जरिए शरीर के विभिन्न अंगों और अंदरूनी हिस्सों की विस्तृत जांच की जा सकती है। इससे चिकित्सकों को बीमारी की सही स्थिति समझने और उपचार की आगे की रणनीति तय करने में मदद मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों को समय पर जांच सुविधा मिलने से उपचार प्रक्रिया को भी बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क आगामी माह प्रस्तावित उद्घाटन समारोह में उनके मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने की संभावना है।